भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग, राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की टीम पहुंची कोलकाता

राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की टीम ने कोलकाता पहुंचकर पश्चिम बंगाल में भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने और द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर अभियान शुरू किया है. प्रतिनिधिमंडल ने संगठन विस्तार और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की.

Include Bhojpuri in 8th Schedule: भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने और पश्चिम बंगाल में भोजपुरी भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की टीम अशोक सिंह के नेतृत्व में कोलकाता पहुंची. प्रतिनिधिमंडल ने बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में बैठक कर अभियान की रणनीति और संगठन के विस्तार पर चर्चा की.

तीन प्रमुख मांगों को लेकर अभियान

अभियान के तहत भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने, पश्चिम बंगाल में भोजपुरी को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने और भोजपुरी अकादमी के गठन की मांग को प्रमुखता से उठाया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि भोजपुरी को संवैधानिक सम्मान दिलाने के साथ भाषा के संरक्षण और विकास के लिए भी लगातार प्रयास किया जायेगा.

2027 के कार्यक्रम और कानपुर अधिवेशन की तैयारियों पर चर्चा

बैठकों के दौरान वर्ष 2027 में बंगाल में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गयी. इसके साथ ही कानपुर में होने वाले अधिवेशन की तैयारियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. राष्ट्रीय टीम ने स्थानीय कार्यकर्ताओं से अभियान को व्यापक स्तर पर ले जाने की रणनीति पर चर्चा की.

कई क्षेत्रों में आयोजित होंगी बैठकें

राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की टीम टीटागढ़, रसड़ा, चंदननगर, रुद्रेश्वर, नईहट्टी सहित विभिन्न स्थानों पर बैठकें करेगी. टीटागढ़ में अनिल सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी. इसमें भोजपुरी भाषा के प्रचार-प्रसार और संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा हुई. बैठक के दौरान चंद्र गुप्त, महेश और करन कुमार सिंह सहित अन्य लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया.

भोजपुरी भाषी समाज को संगठित करने पर जोर

राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की टीम ने कहा कि भोजपुरी को संवैधानिक सम्मान दिलाने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में रहने वाले भोजपुरी भाषी समाज को भी संगठित किया जायेगा. इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा.

प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के अध्यक्ष अशोक सिंह, लेखक उमाशंकर साहू, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री जय हिंद साह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शंभु यादव, ब्रजमोहन, राष्ट्रीय तथा सोनम केशरी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं.

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By Nadim ahmad

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