सारण: मथुराधाम को राज्य पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने की मांग, राज्यपाल और पर्यटन सचिव को दिया आवेदन

राज्य महोत्सव संघ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर पानापुर प्रखंड के गंडक नदी किनारे स्थित कोंध मथुराधाम को पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने की मांग की है. यह ऐतिहासिक सिद्धपीठ और मथुरा बाबा का समाधि स्थल आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसके पर्यटन के रूप में विकास से क्षेत्र को नई गति मिलेगी.

Saran Mathuradham Tourism: राज्य महोत्सव संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू सिंह ने राज्यपाल एवं बिहार सरकार के पर्यटन सचिव को आवेदन देकर पानापुर प्रखंड के गंडक नदी के किनारे स्थित कोंध मथुराधाम को राज्य सरकार के पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने की मांग की है. सौंपे गये आवेदन में उन्होंने उल्लेख किया है कि कोंध मथुराधाम मंदिर एक ऐतिहासिक सिद्धपीठ के रूप में जाना जाता है. कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु पवित्र गंडक नदी में स्नान कर मथुराधाम मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं.

पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग

अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू सिंह ने कहा कि इस धरोहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से राज्य का विकास होगा. मथुराधाम को राज्य सरकार के पर्यटन कैलेंडर में शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. प्रदेश उपाध्यक्ष की इस पहल से क्षेत्रवासियों में खुशी देखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि मथुराधाम के पर्यटन कैलेंडर में शामिल हो जाने से क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों को नयी गति मिलेगी, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा.

मथुरा बाबा का समाधि स्थल है आस्था का केंद्र

गंडक नदी के किनारे स्थित कोंध मथुराधाम ग्रामीणों के लिए अगाध आस्था का केंद्र है. यहां प्रसिद्ध संत मथुरा बाबा का समाधि स्थल है. पर्व-त्योहार एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान आसपास के हजारों ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं और मथुरा बाबा का आशीर्वाद लेते हैं. प्रदेश उपाध्यक्ष की इस पहल से लोगों में मथुरा धाम के विकास और उद्धार की आस जगी है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नागेंद्र ओझा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >