Saran News: जिले में विकास कार्यों में तेजी लाने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को उप विकास आयुक्त (DDC) लक्ष्मण तिवारी ने मकेर प्रखंड व अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने आरटीपीएस (RTPS) काउंटर, प्रखंड व अंचल कार्यालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता तथा पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की.
15वीं वित्त आयोग और ग्रामीण आवास योजना की जांची प्रगति
डीडीसी ने निरीक्षण के दौरान 15वीं वित्त आयोग, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित पंचायती राज विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रगति प्रतिवेदन, प्रशासनिक स्वीकृति और भुगतान की स्थिति की बारीकी से जांच की. उन्होंने लंबित योजनाओं, स्वीकृत कार्यों और पूर्ण हो चुकी योजनाओं के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से बिंदुवार जानकारी ली.
कागजातों के संधारण व जियो टैगिंग में कमियों पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में प्रगति संतोषजनक पाई गई, लेकिन कुछ योजनाओं में अभिलेखों (कागजातों) के संधारण, कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र और लाभुकों के चयन में त्रुटियां सामने आईं. इस पर डीडीसी लक्ष्मण तिवारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO), पंचायत रोजगार सेवक और तकनीकी सहायकों को कड़ी फटकार लगाई तथा अविलंब सुधार के निर्देश दिए.
'पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं': DDC
डीडीसी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि:
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
- सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए.
- योजनाओं से संबंधित सभी रिकॉर्ड को अद्यतन रखा जाए और शत-प्रतिशत सही तरीके से जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए.
- पंचायती राज योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता को सीधा लाभ पहुंचाना है, जिसमें पारदर्शिता सर्वोपरि है.
निरीक्षण में ये अधिकारी रहे उपस्थित
औचक निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) शिवांगी कुमारी, अंचलाधिकारी (CO) निर्मला कुमारी, राजस्व अधिकारी (RO) नवीन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) सहित प्रखंड व अंचल के अन्य विभागीय कर्मी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे.
