Panchayat Government Building: एकमा प्रखंड की बलिया पंचायत में करीब 1.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पंचायत सरकार भवन में हैंडओवर से पहले ही दरारें आने का मामला सामने आया है. भवन में दरारों की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद पंचायती राज विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है. पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और जांच के निर्देश दिए हैं.
हैंडओवर से पहले भवन में आई दरार
बलिया पंचायत में ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है. भवन के निर्माण पर करीब 1.61 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. बताया गया है कि भवन का उद्घाटन और हैंडओवर होना अभी बाकी है, लेकिन इससे पहले ही भवन की दीवारों और अन्य हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं.
निर्माण पूरा होने से पहले दरारें आने की सूचना से भवन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय स्तर पर मामले की शिकायत और खबर सामने आने के बाद अब विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है.
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन से पंचायत के लोगों को सुविधाएं मिलनी थीं, उसमें कामकाज शुरू होने से पहले ही दरारें आना गंभीर विषय है. उनका कहना है कि सरकारी राशि से बने भवन की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
'प्रभात खबर' की रिपोर्ट के बाद विभाग ने लिया संज्ञान
बलिया पंचायत सरकार भवन में दरारों से जुड़ी खबर सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है. पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को मामले की जांच कर पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
मंत्री के निर्देश के बाद अब विभागीय स्तर पर यह पता लगाया जाएगा कि भवन निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं और दरार आने की वजह क्या है.
जांच में दोषी मिले तो होगी कार्रवाई
विभागीय जांच में यदि निर्माण कार्य में किसी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है. जांच में निर्माण एजेंसी, तकनीकी अधिकारियों और कार्य से जुड़े अन्य जिम्मेदार पक्षों की भूमिका भी सामने आ सकती है.
फिलहाल पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भवन में दरारें आने की वास्तविक वजह क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
सरकारी भवन की गुणवत्ता पर टिकी नजर
1.61 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत सरकार भवन में हैंडओवर से पहले दरार आने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब विभागीय जांच पर है. ग्रामीण चाहते हैं कि भवन की तकनीकी जांच कराकर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में पंचायत सरकार भवन का उपयोग सुरक्षित तरीके से किया जा सके.
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