छपरा सदर अस्पताल की ओपीडी में वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शनिवार को बिहार बंद और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को ओपीडी खुलते ही सुबह 8 बजे से विभिन्न काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतार लग गई. मरीज और उनके परिजन सुबह से ही पंजीकरण के लिए अस्पताल पहुंच गए थे. पहले शिफ्ट में कुल 734 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें सबसे अधिक मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित थे.
मेडिसिन और चाइल्ड वार्ड में सबसे अधिक मरीज पहुंचे
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मेडिसिन और चाइल्ड वार्ड में सबसे ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे. अधिकांश मरीजों में बुखार, सर्दी, खांसी, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी शिकायतें मिलीं. भव्या ऐप के माध्यम से मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें संबंधित विभागों में भेजा गया. अधिकांश चिकित्सक समय पर पहुंचे, जबकि कुछ विभागों में डॉक्टर 15 से 20 मिनट की देरी से पहुंचे. अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद भी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मौजूद रहकर व्यवस्था की निगरानी करते रहे.
चाइल्ड वार्ड में 134 बच्चों का हुआ इलाज
सोमवार को चाइल्ड वार्ड में सबसे अधिक भीड़ रही. पहले शिफ्ट में 134 बच्चों का इलाज किया गया, जबकि दूसरे शिफ्ट के लिए भी कई अभिभावकों ने पंजीकरण कराया. चाइल्ड विभाग के चिकित्सक डॉ. संदीप कुमार यादव ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और पेट दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने या एसी और कूलर के सामने बैठाने से बचने की सलाह दी.
मौसम में बदलाव से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
डॉ. यादव ने बताया कि बरसात और तेज धूप के बीच लगातार बदल रहे मौसम के कारण वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने लोगों से साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने और घर के आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की. उनका कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर वायरल संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है.
तीन दिनों से बदल रहा मौसम बना बीमारी की वजह
पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. सुबह तेज धूप निकलने के बाद दोपहर में बादल छा जाते हैं और कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है. तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम में लोगों को खानपान और स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है.
