Chhapra News (प्रभात किरण हिमांशु की रिपोर्ट): कला, संगीत और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कार भारती, सारण द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की गई है. इस कड़ी में छपरा जंक्शन परिसर स्थित श्री संकट मोचन बालाजी मंदिर में रविवार की शाम मासिक संगीत संध्या का भव्य आयोजन किया गया. देर शाम तक चले इस गरिमामयी कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय और लोक संगीत की सुरमयी तानों ने वहां मौजूद सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
गीत-संगीत हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग: अभय कुमार
इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), उत्तर बिहार के प्रांत कार्यवाह अभय कुमार गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गीत, संगीत और नृत्य हमारी सनातन संस्कृति के अभिन्न अंग हैं. उन्होंने भारतीय कला और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने के लिए संस्कार भारती के प्रयासों की सराहना की. संस्था की गौरवशाली परंपरा के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत मंजू कुमारी एवं राजेश चंद्र मिश्र द्वारा प्रस्तुत ध्येय गीत से की गई.
रामधुन से भक्तिमय हुआ माहौल
ध्येय गीत के बाद विवेक समदर्शी और विश्वनेक समदर्शी की टीम ने मनमोहक रामधुन प्रस्तुत की, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया. इस संगीत संध्या में उदय नारायण सिंह, मनोज बिहारी, सुधाकर कश्यप, राज किशोर, शुभम सत्यम, अशोक पाण्डेय और मुरली मनोहर तिवारी सहित कई दिग्गज कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शास्त्रीय एवं लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं. हर प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया.
हर महीने के अंतिम रविवार को होगा आयोजन
इस विशेष अवसर पर संस्कार भारती, उत्तर बिहार के महामंत्री सुरभित दत्त, प्रांतीय लोक कला विभाग के सदस्य राजेश चंद्र मिश्र, मंदिर के सर्व व्यवस्था प्रमुख राहुल मेहता, मोहित सिंह, धर्मनाथ पिन्टू, मलय सौरभ, कौसलेश गर्ग, प्रेम कुमार, अमित कुमार तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. कार्यक्रम का सफल संचालन भंवर किशोर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक धनंजय कुमार द्वारा किया गया. सामूहिक वंदे मातरम गायन के साथ इस सुंदर शाम का समापन हुआ. प्रांतीय लोक कला विभाग के सदस्य राजेश चंद्र मिश्र ने जानकारी दी कि इस मासिक संगीत संध्या का आयोजन अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को नियमित रूप से किया जाएगा.
Also Read: तरैया के सरकारी स्कूलों में समर कैंप शुरू, खेल-खेल में गणित और भाषा सीखेंगे बच्चे
