छपरा में 6 खाद दुकानों का लाइसेंस रद्द, 22 को शो कॉज, जानिए क्यों हो रही कार्रवाई

जिले में खाद की कोई कमी नहीं है. बेवजह किल्लत पैदा करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी. अब तक 6 खाद दुकानों की लाइसेंस रद्द कर दी गई है 22 को शो कॉज भेजा गया है.

Chhapra News: (छपरा से संजय) जिले में खाद की कोई कमी नहीं है. बेवजह किल्लत पैदा करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी. खरीफ 2026 के लिए यूरिया 11386.65, डीएपी 3504.25, एनपीके 2657.50, पोटाश 382.10 एवं एसएसपी 650.10 मे० टन उपलब्ध है. जो दुकानदार किल्लत पैदा कर रहे हैं उन पर कार्रवाई की गई है. छह खाद दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. जबकि 22 को शो कॉज भेजा गया है.

इन खाद दुकानों का लाइसेंस रद्द

आईएफएमएस पोर्टल पर मिली प्रतिवेदन में माह फरवरी, मार्च, अप्रैल 2025 की तुलना में माह फरवरी, मार्च अप्रैल 2026 में यूरिया एवं डीएपी अधिक बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों मे०ओम ट्रेर्ड्स, नेवाजी टोला सारण छपरा, मे० दुर्गा एजेन्सी, एकमा, मे० महाकाल कृषि एंड खाद, मशरख, मे० बाबा खाद बीज भंडार, मशरख, मे० दाउदपुर के०एस०एस०एस०एस०के०मॉझी एवं थोक बिक्रेता मे० न्यु कृषि केन्द्र नेवाजी टोला का अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया है.

22 खाद दुकानों को शो कॉज

शेष 22 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर कारणपृच्छा करते हुए जिला स्तरीय छापामारी दल को जांच दिया गया है. जांच में शिथिलता बरतने वाले प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी एवं कृषि समन्वयक – सह- उर्वरक निरीक्षक से भी कारणपृच्छा किया गया है. उर्वरक का कालाबाजारी या मुनाफाखारी या जमाखोरी पर नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निगरानी या छापामारी के लिए जिला स्तर पर दल का गठन किया गया है.

छापेमारी के लिए टीम गठित

गठित दल द्वारा नियमित रूप से छापामारी का काम किया जा रहा है. किसानो से अपील की गई है कि उर्वरक की जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायत के लिए जिला हेल्प डेस्क नं0-06152-248042 एवं संबंधित प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं.

Also Read: जहानाबाद में सुबह सुबह भीषण सड़क हादसा, स्कूली बस में ट्रक ने मारी टक्कर, कई बच्चे घायल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sakshi Kumari

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >