Saran River water levels : छपरा और सारण जिले में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के कई हिस्सों और पड़ोसी राज्यों में हो रही बारिश तथा डैम से छोड़े जा रहे पानी का असर नदियों पर दिख रहा है. 22 अगस्त की सुबह तक गंगा गांधी घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी. घाघरा और गंडक के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है. प्रशासन ने नाव परिचालन और नदी घाटों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है.
एक दिन में 30 सेंटीमीटर बढ़ा घाघरा का पानी
छपरा शहर से सटे घाघरा यानी सरयू नदी के जलस्तर में एक ही दिन में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं गंगा के गांधी घाट पर 26 सेंटीमीटर पानी बढ़ा. रेवा घाट की गंडक को छोड़कर अन्य स्थानों पर भी 19 से 22 सेंटीमीटर तक वृद्धि दर्ज की गई. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
गांधी घाट पर खतरे के निशान से ऊपर गंगा
गांधी घाट पर गंगा का खतरे का निशान 48.60 मीटर निर्धारित है. 22 अगस्त की सुबह छह बजे यहां जलस्तर 49.35 मीटर दर्ज किया गया. यानी गंगा खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार यहां पानी लगातार बढ़ रहा है और यह स्थिति प्रशासन के लिए चिंता का कारण बनी हुई है.
घाघरा भी खतरे के निशान के करीब
घाघरा नदी के छपरा में खतरे का निशान 53.68 मीटर है. यहां जलस्तर 51.79 मीटर तक पहुंच गया है. वहीं सिसवन में घाघरा का खतरे का निशान 57.04 मीटर है और जलस्तर 56.51 मीटर दर्ज किया गया. दोनों स्थानों पर पानी में लगातार बढ़ोतरी से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.
गांवों में बढ़ी चिंता, किसान सबसे ज्यादा परेशान
शनिवार को प्रभात खबर की टीम रिविलगंज प्रखंड की दिलिया रहीमपुर और जान टोला पंचायत पहुंची. नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में चिंता दिखाई दी. किसानों की चिंता सबसे अधिक है, क्योंकि खेतों में पानी आने पर फसलों को नुकसान होने की आशंका है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में खेतों में पानी पहुंच सकता है.
प्रशासन ने सभी सीओ को किया अलर्ट
अनुमंडल पदाधिकारी नितेश कुमार ने नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी अंचल अधिकारियों को अलर्ट किया है. आदेश में कहा गया है कि गंगा, बागमती, गंडक, कोसी सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और कुछ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ऐसे में सुरक्षात्मक कदम उठाना जरूरी है.
ओवरलोड नावों पर सख्ती का निर्देश
प्रशासन को सूचना मिली है कि कुछ दियारा क्षेत्रों में नाविक क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर नाव चला रहे हैं. कुछ स्थानों पर नावों में वाहन और पशु लादकर भी परिचालन किए जाने की बात सामने आई है. प्रशासन ने ऐसी स्थिति पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया है, क्योंकि ओवरलोडिंग से नदी में दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.
बच्चों को नदी घाटों से दूर रखने की अपील
प्रशासन ने नदी घाटों पर बच्चों के स्नान और छलांग लगाकर तैरने की गतिविधियों पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है. बढ़े जलस्तर में नदी का बहाव और गहराई सामान्य से अलग हो सकती है. इसलिए घाटों पर बैनर लगाकर लोगों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने और बच्चों को नदी से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है.
सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर रोक
प्रशासन ने सूर्यास्त के बाद नावों का परिचालन बंद रखने का निर्देश दिया है. अवैध और ओवरलोडेड नावों पर प्रभावी रोक लगाने के साथ नावों में वाहनों और पशुओं की लोडिंग पर भी कार्रवाई करने को कहा गया है. पंजीकृत नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर भी रोक रहेगी.
संवेदनशील घाटों पर तैनात हो सकते हैं चौकीदार
प्रशासन ने संवेदनशील घाटों पर जरूरत के अनुसार चौकीदारों की प्रतिनियुक्ति करने का भी निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य नदी में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और घाटों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखना है. अधिकारियों को नाव परिचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है.
सारण में 22 अगस्त को नदियों की स्थिति
| नदी | खतरे का निशान | वर्तमान जलस्तर | बदलाव |
| गंगा, गांधी घाट | 48.60 मीटर | 49.35 मीटर | 26 सेमी वृद्धि |
| गंडक, हाजीपुर | 50.32 मीटर | 49.39 मीटर | 19 सेमी वृद्धि |
| गंडक, रेवा | 54.41 मीटर | 53.39 मीटर | 4 सेमी कमी |
| सरयू/घाघरा, सिसवन | 57.04 मीटर | 56.51 मीटर | 22 सेमी वृद्धि |
| घाघरा, छपरा | 53.68 मीटर | 51.79 मीटर | 30 सेमी वृद्धि |
रेवा घाट को छोड़कर बाकी जगह बढ़ा पानी
बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संतोष प्रभाकर ने बताया कि रेवा घाट को छोड़कर बाकी सभी स्थानों पर जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है. शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर 19 से 30 सेंटीमीटर तक पानी बढ़ा. उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार सुरक्षा के सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
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