Saran News: भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत संचालित जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा के लिए जनगणना कार्य निदेशालय (बिहार) के सहायक निदेशक अंगद सिंह ने शुक्रवार को सारण जिले का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने छपरा नगर निगम के अलावा नगरा एवं छपरा सदर प्रखंड चार्ज का स्थलीय निरीक्षण किया तथा ग्रामीण और शहरी निर्देशिका के डेटा संकलन (डेटा कलेक्शन) कार्य का जायजा लिया.
निरीक्षण के क्रम में सहायक निदेशक ने राजस्व ग्रामवार संकलित डेटा के फाइनल सबमिशन की स्थिति, अद्यतन कार्य प्रगति और आंकड़ों की गुणवत्ता की गहन जांच की.
विकास योजनाओं का मुख्य आधार हैं आंकड़े: अंगद सिंह
सहायक निदेशक अंगद सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि डीसीएचबी के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, नीति निर्धारण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का मुख्य आधार बनते हैं. इसलिए डेटा के सटीक और शुद्ध होने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है.
उन्होंने चार्ज अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जब तक फील्ड अधिकारियों द्वारा सबमिट किए गए एक-एक डेटा की क्रॉस चेकिंग कर उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि न हो जाए, तब तक पोर्टल पर डेटा को अंतिम रूप से अप्रूव न किया जाए. फाइनल अप्रूवल के लिए निदेशालय स्तर से अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे.
वर्किंग मैप पर जनसुविधाओं की होगी इंडेक्स नंबरिंग
श्री सिंह ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व ग्राम के दिल्ली से प्राप्त वर्किंग मैप पर फील्ड अधिकारियों के जरिए स्थानीय जनसुविधाओं को इंडेक्स नंबरिंग द्वारा स्थलीय मार्किंग कराने का कार्य तत्काल शुरू किया जाए. इसके साथ ही क्षेत्र में आए महत्वपूर्ण बदलावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला नोडल पदाधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा गया.
'शून्य त्रुटि' के साथ सारण डीसीएचबी को मॉडल बनाने का लक्ष्य
मौके पर मौजूद जिला नोडल पदाधिकारी (DCO) अदिति आनंद एवं सहयोगी पदाधिकारी आयुषी सिंह ने सभी चार्ज प्रभारियों से कहा कि वे अपनी देखरेख में फील्ड फंक्शनरीज से आवंटित गांवों का फाइनल सबमिशन पूरा कराएं. इसके बाद तुरंत क्रॉस चेकिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि कार्य में शून्य त्रुटि सुनिश्चित की जा सके और सारण की डीसीएचबी को राज्य भर में एक मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सके.
इस मौके पर उप नगर आयुक्त अरशद इमाम, नगरा बीडीओ अनुभव कुमार, सदर बीडीओ राहुल कुमार तथा बीएओ राजनारायण कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे.
