Crop greening due to rain: शुक्रवार की रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों में उत्साह है. शनिवार को भी दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया. बारिश होने से धान और मक्के की फसलों में हरियाली लौटने लगी है. करीब एक सप्ताह पहले तक चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण फसलें सूखने लगी थीं, लेकिन बारिश के बाद पौधों में नई जान आती दिख रही है.
खरीफ फसलों के लिए मौसम अनुकूल, खेतों में जुटे किसान
मौसम खरीफ फसलों के अनुकूल होते ही किसान अपने खेतों की देखभाल में जुट गये हैं. किसान अहले सुबह से देर शाम तक खेतों में यूरिया के छिड़काव से लेकर खरपतवार निकालने तक का काम कर रहे हैं. खेतों में पर्याप्त नमी होने के कारण किसानों ने पौधों में कीटनाशक और खरपतवारनाशी दवाओं का छिड़काव भी शुरू कर दिया है. इससे खेतिहर मजदूरों को भी काम मिलने लगा है.
अगस्त में बारिश से बढ़ी बेहतर उपज की उम्मीद
अनुभवी किसानों का कहना है कि देर से ही सही, लेकिन अब बारिश शुरू होने से खरीफ फसलों में हरियाली लौटने लगी है. इससे इस वर्ष बेहतर उपज की उम्मीद जगी है. किसान दशरथ राय, सुदर्शन सिंह, मनोज राम और बाबूलाल शर्मा ने बताया कि जून और जुलाई में औसत से काफी कम बारिश होने के कारण किसानों ने खरीफ फसलों के उत्पादन की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी. अगस्त के अंतिम दिनों में मानसून के सक्रिय होने से किसानों की चिंता कुछ हद तक दूर हुई है.
करीब 30 प्रतिशत किसानों ने नहीं की धान की बुआई
किसानों के अनुसार, जून और जुलाई में औसत से कम बारिश का असर धान की खेती पर भी पड़ा है. क्षेत्र के करीब 30 प्रतिशत किसानों ने बारिश की कमी के कारण धान की बुआई नहीं की. ऐसे किसानों के खेत अब भी खाली पड़े हैं. हालांकि, अगस्त के अंत में हुई बारिश से धान और मक्के की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली है.
बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत, कई जगह कीचड़
रुक-रुककर हो रही बारिश से जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं कई जगहों पर कीचड़ फैल गया है. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. शनिवार को दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश से उमस भरी गर्मी से भी लोगों को काफी राहत मिली. मौसम में ठंडक आने से लोगों ने राहत की सांस ली.
