ABHA Health ID : सारण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) आईडी बनाने को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत लोगों को अपनी और परिवार के सदस्यों की आभा आईडी बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
सिविल सर्जन ने लोगों से की अपील
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी और आयुष्मान भारत अभियान के प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनय कुमार ने संयुक्त रूप से जिलेवासियों से आभा आईडी बनवाने की अपील की है. सिविल सर्जन ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बनने वाली यह हेल्थ आईडी प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी है.
डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा मेडिकल रिकॉर्ड
आभा आईडी के जरिए मरीजों के पुराने पर्चे, जांच रिपोर्ट और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखे जा सकते हैं. इससे अस्पतालों में इलाज के दौरान पुराने मेडिकल रिकॉर्ड को संभालकर रखने की परेशानी कम होगी. मरीज देश के किसी भी हिस्से में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े अस्पताल में अपनी आईडी के माध्यम से पुराने मेडिकल इतिहास को साझा कर सकेंगे.
इलाज की प्रक्रिया होगी आसान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से चिकित्सकों को मरीज के पुराने स्वास्थ्य इतिहास की जानकारी आसानी से मिल सकेगी. इससे इलाज की प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही मरीजों को बार-बार पुराने पर्चे और जांच रिपोर्ट साथ लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
मोबाइल से घर बैठे बना सकते हैं आभा आईडी
जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनय कुमार ने बताया कि आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है. कोई भी नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल फोन से यह आईडी बना सकता है. इसके लिए स्मार्टफोन में आरोग्य सेतु 2.0 ऐप या आधिकारिक आभा ऐप डाउनलोड करना होगा. ऐप खोलने के बाद 'क्रिएट आभा आईडी' विकल्प का चयन कर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
प्रखंड और पंचायत स्तर पर भी चल रहा अभियान
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह अभियान जिले के सभी प्रखंडों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चलाया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आभा आईडी बनाने की जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को भी जिम्मेदारी दी गयी है.
आशा और एएनएम करेंगी लोगों की मदद
पंचायत स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को ग्रामीणों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के कर्मी लोगों के मोबाइल पर आभा आईडी बनाने में भी मदद करेंगे. प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना है.
