सीआरपीएफ से बर्खास्त जवान ने की आत्महत्या, लिखा सुसाइड नोट

सीआरपीएफ के बर्खास्त जवान ने संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या कर ली.

रिविलगंज.सीआरपीएफ के बर्खास्त जवान ने संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या कर ली. प्राप्त जानकारी के अनुसार रिविलगंज थाना क्षेत्र के मुकरेड़ा पंचायत के जखुआ निवासी सीआरपीएफ जवान आंनद कुमार सिंह जो जम्मू में कार्यरत रहने के दौरान वहां पर हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे. जो पैरोल पर अपने घर आये थे. पारिवारिक दबाव के कारण कुछ जहरीले पदार्थ के सेवन कर लेने के कारण इलाज के क्रम में उनकी मृत्यु हो गयी है. उक्त सूचना पर रिविलगंज थाना द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है तथा उनके परिजन के लिखित आवेदन के आधार पर रिविलगंज थाना कांड सं0-258/25 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है. घटना से जुड़ी सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है. पुलिस ने बताया कि शीघ्र ही दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. आत्महत्या से पहले पहले आनंद ने वीडियो बनाया और सुसाइड नोट लिखा है. वीडियो में आनंद कह रहे है, ””””मैं अपनी पत्नी से तंग आ गया हूं. सास के साथ मिलकर मेरी पत्नी काफी टॉर्चर करती है. मैंने सुसाइड नोट भी लिख दिया है. मेरे परिवार को तंग न किया जाये. मैं जो करने जा रहा हूं, इसकी जिम्मेदार सिर्फ मेरी पत्नी है. उन्होंने वीडियो में आगे कहा कि मेरी पत्नी ने मेरा जीवन नर्क बना दिया है. वह हर दिन मुझे टॉर्चर करती है. वह इमोशनल ब्लैकमेल करती है और पागल कहकर अपमानित करती है. उसके घर वाले भी मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं. इसके घर वालों ने पागल से शादी क्यों किया. यह मुझे समझ नहीं आता है. अब मैं क्या बताऊं, मेडकिल तौर पर इसका शरीर अनफिट है, इसकी वजह से मेरे ऊपर केस हो गया और मैं 20 साल से जेल में हूं. लेकिन आज भी उसको पछतावा नहीं है. जखुआ गांव निवासी स्व रामनरेश सिंह का बेटा 45 वर्षीय आनंद कुमार सिंह की सीआरपीएफ में अनुकंपा पर नौकरी लगी थी. साल 2006 में उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी और उस समय वह तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के आवास पर गार्ड ड्यूटी पर तैनात थे. ड्यूटी के दौरान आनंद कुमार सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारी से छुट्टी की मांग की थी. लेकिन छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई तो वो गुस्से में आकर सरकारी हथियार से गोलियां चला दीं, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी थी. आनंद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गयी थी.

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By Alok kumar

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