कोर्ट की दोनों फ्रैंकिंग मशीनें हुईं खराब

छपरा(कोर्ट) : न्यायालय के कार्यों में प्रयुक्त होने वाले स्टांप को मुहैया कराने वाली एकलौती फ्रैंकिंग मशीन भी गुरुवार की सुबह खराब हो गयी. इसके कारण स्टांप को लेकर अफरातफरी मची रही और अधिवक्ता एवं मुवक्किल दोनों परेशान दिखे. ज्ञात हो कि न्यायालय में प्रति दिन लाखों रुपये मूल्य के स्टांप की आवश्यकता होती है, […]

छपरा(कोर्ट) : न्यायालय के कार्यों में प्रयुक्त होने वाले स्टांप को मुहैया कराने वाली एकलौती फ्रैंकिंग मशीन भी गुरुवार की सुबह खराब हो गयी. इसके कारण स्टांप को लेकर अफरातफरी मची रही और अधिवक्ता एवं मुवक्किल दोनों परेशान दिखे. ज्ञात हो कि न्यायालय में प्रति दिन लाखों रुपये मूल्य के स्टांप की आवश्यकता होती है,

जिसको लेकर सरकार द्वारा न्यायालय परिसर में दो फ्रैंकिंग मशीन लगायी गयी हैं, जिसमें एक मशीन चार दिन पहले से ही खराब पड़ी है. अभी उसकी मरम्मत हुई भी नहीं कि दूसरी मशीन भी खराब हो गयी, जिसके कारण आमजन के अलावा मामले में पैरवी करने आये पैरवीकारों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा. साथ ही सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हुई. बताते चलें कि फ्रैंकिंग मशीन के खराब होने से स्टांप की उपलब्धता नहीं होगी,

जिसके कारण पक्षकार बेल बांड, वकालतनामा, शपथपत्र, जमानत याचिका, न्यायिक आवेदन, परिवाद, केश फाइलिंग, राशन कार्ड और अभिप्रमाणित प्रतियों की प्राप्ति स्टांप के बगैर नहीं कर पायेंगे. इसके लिए उन्हें मशीन के बनने तथा स्टांप मिलने तक का इंतजार करना होगा. सबसे अधिक परेशानी जमानत को लेकर होगी, जिसमें बेल बांड और शपथपत्र की आवश्यकता होती है, साथ ही प्रायः मामले में शपथपत्र देना अनिवार्य है, जो स्टांप के बगैर संभव नहीं होगा.इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं नये मामले भी दाखिल नहीं हो पायेंगे और परिवाद के लिए भी स्टांप का इंतजार करना होगा.

अधिवक्ता व मुवक्किल दोनों हो रहे परेशान
लाखों के सरकारी राजस्व की हो रही हानि

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >