छपरा. छपरा नगर निगम क्षेत्र में नगर पालिका अधिनियम का पालन नहीं हो रहा है. निगम द्वारा आवंटित दुकानों और जमीनों की स्थिति गंभीर है. इन दुकानों को कुछ दुकानदारों ने या तो दूसरों को किराये पर दे दिया है या फिर उन्हें बेच दिया है, जिससे लाखों की अवैध कमाई हो रही है. इसके अलावा, कई दुकानदारों ने अपनी आवंटित दुकानों या जमीनों पर दो या तीन मंजिला इमारतें भी खड़ी कर ली हैं. यह सब कुछ नगर निगम अधिकारियों की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.गौरतलब हो कि छपरा नगर निगम में स्वावलंबन योजना के तहत बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए लगभग चार हजार दुकानें आवंटित की गयी थीं. इस योजना का उद्देश्य था कि हितग्राही इन दुकानों को स्वयं चलाकर रोजगार प्राप्त करें, लेकिन अफसोस की बात यह है कि 90 फीसदी हितग्राहियों ने अपनी दुकानों को बेचा या किराये पर दे दिया. कुछ लोग तो दुकान का संचालन नहीं कर रहे हैं, लेकिन हर महीने किराया जरूर ले रहे हैं. स्वावलंबन योजना के तहत आवंटित दुकानों का मालिकाना हक नगरपालिका का है. बावजूद इसके, इन दुकानों को अवैध रूप से बेचा और ट्रांसफर किया गया. नगर निगम के अधिकारी इस मामले में आंखें मूंदे हुए हैं.
दुकानें बेचना या ट्रांसफर करना नियमों का उल्लंघन
स्वावलंबन योजना के तहत जो दुकानें गरीबों को आवंटित की गयीं, वे नगर पालिका की संपत्ति हैं. ऐसे में इन दुकानों का न तो व्यापार किया जा सकता है और न ही इन्हें बेचा या ट्रांसफर किया जा सकता है. यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो यह नगरपालिका के नियमों और शर्तों का उल्लंघन है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. दोषी पाये जाने पर नगरपालिका दुकान को छीन सकती है और जुर्माना भी लगा सकती है, साथ ही ऐसे व्यक्तियों को भविष्य में ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है.जनता दरबार और न्यायालय में खुलासा
यह स्थिति तब सामने आयी जब शहर के गुदरी बाजार से जुड़े कई मामले न्यायालय और जनता दरबार में पहुंचे. इन मामलों में यह खुलासा हुआ कि कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बेच दिया या किराये पर दे दिया है और वास्तविक दुकानदार का अब कोई पता नहीं है. नगर निगम के अधिकारियों की मिली भगत और भ्रष्टाचार ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है.मामले को सदन में लाया जायेगा
यह मामला गंभीर है. इस मामले को सदन में लाया जायेगा और हर दुकान और आवंटित जमीन की फिजिकल वेरिफिकेशन करायी जायेगी. यदि किसी ने भी ऐसा किया होगा, तो नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी.
लक्ष्मी नारायण गुप्ता, मेयर, नगर निगम, छपराडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
