छठ पर्व. उदीयमान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ, मांगी सलामती की दुआएं
डोरीगंज (छपरा) : लोक आस्था का महापर्व छठ सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को दूसरा अर्घ अर्पित करने के साथ ही शुद्धता पवित्रता व आत्मानुशासन के अनमोल संदेशों से भरे पूरे चार दिवसीय इस महापर्व का समापन हुआ. छठी मइया की भक्ति में विभोर न केवल महिलाएं बल्कि बच्चे, बूढ़े, जवान सबकी आस्था बढ़-चढ़कर नजर देखने को मिली.
आंखों से ओझल होते अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम तथा दूसरे दिन प्रातःकाल क्षितिज पर उदीयमान सूर्य की लालिमा फैलते ही दर्शन को बेताब 36 घंटे की निर्जला उपासना में लीन व्रतधारियों के चेहरे एकाएक चेहरे खिल उठे विभिन्न घाटों पर भगवान भास्कर को दूसरा अर्घ अर्पित करने को ले कलसूप मे सजे फल-फूल व पकवानों के साथ हजारों की संख्या में व्रतधारी गंगा की जलधारा में उतर आये.
जहां अपने आराध्य को दूसरा अर्घ अर्पित कर सभी ने अपने घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की. इस दौरान घाटों पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच बम पटाखों की आवाज तथा लोगों की चहल पहल से गंगा तट गुलजार रहा. जल में खड़ी व्रती माताओं व बहनों को अर्घ दिलाने को ले लोगो में होड़ मची रही घाटों पर साथ आये परिवार के लोग एक लोटे में गाय का दूध व गंगाजल लिए व्रतियों के साथ मुस्तैद रहे तो वही व्रतियों के नहाये वस्त्र भी धोकर लोगों ने आशीर्वाद ग्रहण किया.
वैसे तो यह पर्व खासतौर पर महिलाएं परिवार की खुशहाली व अपने संतानों की सलामती के लिए करती रही है किन्तु इस बार कुछ जागरूक युवाओं की बदौलत शेरपुर युवा संघ सदस्य के परिवार की महिलाओं तथा गांव के रिटायर फौजी सैनिकों के परिवारों के द्वारा इस बार कुछ महिलाओं ने सीमा पर तैनात जवानों के लिये भी अर्घ के दौरान उनकी सलामती की दुआएं मांगी, तो वहीं युवाओं के द्वारा भी देश के लिए शहीद जवानों के नाम दीपदान कर श्रद्धांजलि अर्पित किये गये.
