Haएलबम लगाम
ने उठाया प्रभावी कदम
पहल. नशा खिलाने वाले गिरोह से बचने के लिए रेलवे ने उठाया कदम
गोरखपुर और वाराणसी में बिहार रेल पुलिस के पदाधिकारी व जवान प्रतिनियुक्त
छपरा (सारण) : दीपावली और छठ पर्व को ध्यान में रखकर लंबी दूरी के महत्वपूर्ण ट्रेनों में मार्गरक्षण के कड़े प्रबंध किये गये है. बिहार राजकीय रेलवे पुलिस की टीम को गोरखपुर और वाराणसी स्टेशनों पर अस्थायी रूप से प्रतिनियुक्त किया है. दूसरे राज्यों से बिहार आनेवाली ट्रेनों में हो रही नशाखुरानी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है.
जंकशन पर भी लगातार मार्ग रक्षण किया जा रहा है. प्राय: सफर के दौरान यात्री नशाखुरानी के शिकार उत्तर प्रदेश में होते है, लेकिन बेहोशी की हालत में छपरा जंकशन पहुंच जाते है और उत्तर प्रदेश रेल पुलिस अपने क्षेत्र में बाहर का नशाखुरानी की घटना बताकर दर्ज करने से इनकार कर देती है. अधिक देर तक नशाखुरानी के शिकार होने वाले यात्रियों के जान भी खतरे में रहता है.
बिहार राजकीय रेलवे पुलिस की टीम की ओर से किया जा रहा है मार्ग रक्षण
प्रतिनियुक्त टीम को दिया निर्देश
बिहार आने वाली ट्रेनों की जांच करें
ट्रेनों में नशाखुरानी के शिकार यात्री मिलने पर गोरखपुर और वाराणसी में उतार लें
नशाखुरानी के शिकार यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराये
ट्रेनों में जांच करे और संदिग्धों की पहचान कर पकड़े
पकड़े गये संदिग्धों को उत्तर प्रदेश रेल पुलिस को सौंपे
नशाखुरानी के शिकार यात्रियों के होश में आने पर रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायें
ट्रेनों में यात्रियों को नशाखुरानी गिरोह से बचने के लिए जागरूक करें
ट्रेनों में संदिग्धों के मिलने पर तत्काल जांच करें और पूछ ताछ करें
इन ट्रेनों में हो रहा है मार्ग रक्षण
अवध असम एक्सप्रेस
ताप्ति गंगा एक्सप्रेस
राप्ति सागर एक्सप्रेस
लखनउ-बरौनी एक्सप्रेस
जनसेवा एक्सप्रेस
बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट
ग्वालियर मेल
सारनाथ एक्स.
गोंदिया एक्सप्रेस
श्रमिक एक्सप्रेस
पवन एक्सप्रेस
मथुरा-छपरा एक्सप्रेस
क्या कहते हैं अधिकारी
ट्रेनों में नशाखुरानी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है. रात के समय वाराणसी और गोरखपुर से छपरा आने वाली ट्रेनों में मार्ग रक्षण का विशेष प्रबंध किया गया है. यात्रियों की सुरक्षा के साथ उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है.
सुनील कुमार द्विवेदी, रेल थानाध्यक्ष, राजकीय रेल थाना, छपरा जंकशन, पूर्वोत्तर रेलवे
लेखा-जोखा तैयार
बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र के रेलखंडों पर एक दशक के अंदर पकड़े गये सक्रिय नशाखुरानों का फोटो एलबम भी पुलिस पदाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है. गोरखपुर और वाराणसी में प्रतिनियुक्त बिहार रेल पुलिस को एलबम देने का मुख्य उद्देश्य नशाखुरानों की पहचान करना और मौके पर गिरफ्तार करना है. फोटो एलबम के साथ अपराधियों के नाम, पता और उनका अपराधिक इतिहास भी उपलब्ध है.
रेलवे पुलिस की ओर से व्यापक प्रतिबंध
दशहरा के पहले करीब आधा दर्जन यात्री बेहोशी की हालत में छपरा जंकशन पर उतारे गये. सभी यात्री सफर के दौरान नशाखुरानी के शिकार हुए. दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब और मध्य प्रदेश से आने वाली ट्रेनें उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गोरखपुर से होकर छपरा जंकशन आती है. इस दौरान इलाहाबाद, लखनउ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर से ही ट्रेनों में नशाखुरानी गिरोह के सदस्य सवार होते है. ट्रेनों के बिहार में प्रवेश करने के पहले ही यात्रियों को नशा खिलाकर यात्रियों का सामान लूट लेते है. पर्व त्योहार मनाने घर आ रहे यात्री अपना सब कुछ गंवाकर घर पहुंचते है. इस पर नियंत्रण के लिए रेल पुलिस में पहली बार व्यापक प्रबंध किया है और महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
