तैयारी. गडकरी करेंगे प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे उद्घाटन
लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त करने में मिलेगी मदद
अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा वाहन प्रशिक्षण केंद्र
छपरा : गरीब और जरूरतमंद लोगों को रोजगार प्रदान कराने की दिशा में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की ओर से पहल शुरू कर दी गयी है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय वाहन चालक प्रशिक्षण अभियान के तहत छपरा-मशरक मुख्य मार्ग पर स्थित खैरा के अफौर में प्रधानमंत्री वाहन प्रशिक्षण केंद्र का भव्य उद्घाटन केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे. इस भव्य उद्घाटन समारोह में राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे.
रविवार को नवनिर्मित प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि इस रोजगारोन्मुखी योजना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को रोजगार दिलाने में काफी सहजता होगी. बेरोजगार युवाओं को मोटर प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार प्राप्त करना आसान हो जायेगा. देश के भीतर 18 लाख प्रशिक्षित वाहनचालकों की आवश्यकता है. जिसकी जरूरत को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास मंत्रालय ने ऐसे इच्छुक युवाओं निशुल्क प्रशिक्षण देने जा रही है.
उन्होंने कहा कि देश के अलावा कई गुणा अधिक दुनिया के कई देशों में भी प्रशिक्षित वाहनचालकों की आवश्यकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम मिशन व कौशल विकास मंत्रालय की ओर से दुनिया भर के लिए अच्छे वाहन चालकों का प्रशिक्षण देकर उसे रोजगार के लायक बनाना एक बड़ा लक्ष्य है.
रूडी ने कहा कि बिहार में पहला वायलट केंद्र सारण जिले के खैरा में खुलने जा रही है. उक्त प्रशिक्षण केन्द्र में 100- 100 का बैच रहेगा. प्रत्येक प्रशिक्षु पर सरकार को 50 से 55 हजार रुपये खर्च आयेगें. बिहार के 38 जिले में जमीन की उपलब्धता के आधार पर ऐसे केंद्रों की स्थापना की जाएगी. एनएचडीसी, ओला कैप्स के बीच समझौते के मुताबिक एक वर्ष के भीतर एक लाख ड्राइवरों को प्रशिक्षित कर उन्हें नौकरी में लगाया जायेगा. वहीं जेसीबी, हुंडई, अशोक लीलन, महिन्द्रा, टाटा मोटर्स आदि बड़ी कंपनी के साथ भी समझौता हुआ है.
बिहार का पहला प्रशिक्षण केंद्र होगा
केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद रूडी ने बताया कि छपरा के खैरा में स्थापित यह प्रशिक्षण केंद्र बिहार का पहला केंद्र होगा. राइज इंडिया की ओर से इस प्रशिक्षण केंद्र की मॉनिटिरंग की जायेगी.
साथ ही ग्रामीण स्तर पर बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को चिन्हित कर उन्हें यहां मोटर चालक के रूप में प्रशिक्षित किया जायेग. उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स, मारुती, महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियों को देश भर में 12 लाख प्रशिक्षित ड्राइवरों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि ड्राइविंग प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो न केवल रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर को पैदा करता है बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देकर देश की आर्थिक प्रगति को भी सुनिश्चित करता है.
