40 बीघे जमीन पर कब्जा

छपरा (सदर) : जिले के तीन गोशालाओं की कम से कम 40 बीघा जमीन अतिक्रमण के जद में है. जिसका खुलासा राज्य सरकार पशु पालन एवं मतस्य सचिव डॉ एन विज्या लक्ष्मी के पत्र के बाद जिला पशुपालन पदाधिकारी ने जांच करने के बाद भेजी अपनी विस्तृत रिपोर्ट व गोशालाओं की जांच संबंधी सीडी में […]

छपरा (सदर) : जिले के तीन गोशालाओं की कम से कम 40 बीघा जमीन अतिक्रमण के जद में है. जिसका खुलासा राज्य सरकार पशु पालन एवं मतस्य सचिव डॉ एन विज्या लक्ष्मी के पत्र के बाद जिला पशुपालन पदाधिकारी ने जांच करने के बाद भेजी अपनी विस्तृत रिपोर्ट व गोशालाओं की जांच संबंधी सीडी में किया है. प्रेषित पत्र में जांच पदाधिकारी सह जिला पशुपालन पदाधिकारी ने लिखा है कि छपरा शहर व आसपास स्थित सारण पिंजरापोल गोशाला की कुल 29 बीघा 17 कट्ठा जमीन में से पांच बीघा 8 कट्ठा 12 धूर जमीन आस-पास के लोगों ने पकड़ लिया है.
1908 में स्थापित श्री सारण पिंजरा पोल गोशाला की तीन कट्ठा जमीन कटरा में तथा नगरा के साधपुर रशीदपुर गांव में पांच बीघा, पांच कट्ठा, दो धूर जमीन अतिक्रमणकारीयों ने अतिक्रमित कर लिया है. वहीं गोशाला की सात कट्ठा जमीन को प्रबंध समिति की ओर से लीज पर दिया गया है. इसी प्रकार जनता गोशाला, विष्णुपुरा, एकमा की स्थापना वर्ष 1952 में हुई थी. जांच के क्रम में यह बात सामने आयी कि 33 बीघा 5 कट्ठा दो धूर जमीन में से 75 फीसदी जमीन लोगों ने अतिक्रमित कर लिया है.
इसी प्रकार बनियापुर के गोपाल कृष्ण गोशाला, हरपुर कराह की स्थापना वर्ष 1919 में हुई थी. इस दौरान गोशाला की पैगम्बरपुर गांव स्थित 14 बीघा, 14धूर जमीन अतिक्रमित कर लिया गया है.
इसके अलावा इस गोशाला की कुल 28 बीघा 6 कट्ठा 8 धूर जमीन में से 25 बीघा 18 कट्ठा 17 धूर जमीन अतिक्रमित किया गया है. विभागीय सचिव को प्रेषित जांच रिपोर्ट में जिला पशुपालन पदाधिकारी ने लिखा है कि सारण पिंजरापोल गोशाला में अभी 27 गाय, बछड़े व साढ़ है. इसकी जमीन विभिन्न स्थानों पर है. इसी प्रकार एकमा स्थित जनता गोशाला, विष्णुपूरा की जमीन में मकान, कुंआ आदि अवशेष है. जबकि गोपाल कृष्ण गोशाला हरपुर कराह में 13 मवेशी है तथा उनके रहने के लिए शेड, कुंआ, चापाकल के अलावें तीन बीघा एक कट्ठा जमीन में चारागाह है.
अतिक्रमणकारियों से न्यायालय में चल रहा जमीन का मुकदमा : श्री सारण पिंजरा पोल गोशाला की नगरा प्रखंड के साधपुर, रशिदपुर स्थित पांच बीघा, पांच कट्ठा, दो धूर जमीन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने छपरा व्यवहार न्यायालय में हकियत वाद संख्या 250/2015 दर्ज कराया है. इसी प्रकार जनता गोशाला, विष्णुपुरा कला की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने भी छपरा व्यवहार न्यायालय में हकियत वाद संख्या 231/1946 दर्ज कराया है.
गोशालाओं को अतिक्रमण मुक्त कर विकसित करने की योजना : पशुपालन एवं मतस्य विभाग की सचिव एन विजया लक्ष्मी पटना उच्च न्यायालय के अवमानना वाद संख्या 590/2004 के निर्देश के आलोक में ही सारण के तीनो गोशालाओं की परिसंपत्तियों एवं वर्तमान स्थिति का ब्योरा मांगा था, जिसके आलोक में जांच पदाधिकारी ने संबंधित गोशाला के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से बात कर विस्तृत रिपोर्ट भेजी है. सरकार गोशालाओं को विकसित करने की योजना बनायी है. सरकार के इस प्रयास के बाद सारण के तीनों गोशालाओं के जमीन के अतिक्रमण मुक्त होने की उम्मीद जगी है.

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