छपरा (सदर) : निर्मल नीर योजना के तहत जिले के 20 चयनित पंचायतों के प्रत्येक घर में नल का जल उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों में स्वच्छता ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था विश्व बैंक, भारत सरकार एवं बिहार सरकार के सहयोग से की जायेगी. ग्रामीण जलापूर्ति एवं स्वच्छता परियोजना के तहत इन सारे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में पंचायतों में गठित समितियों एवं आम जनता की मुख्य भागीदारी होगी.
वर्तमान में सारण जिले में महज तीन फीसदी घरों में ही नल से जलापूर्ति होती है जबकि राज्य स्तर पर या औसत पांच तथा राष्ट्रीय स्तर पर 22 फीसदी है. ऐसी स्थिति में केंद्र, राज्य एवं विश्व बैंक के सहयोग से बिहार के चयनित 10 जिलों में सारण में इस योजना को छह वर्षों में संबंधित पंचायतों में 21 जलापूर्ति योजनाओं लागू करने का जिम्मा पीएचइडी सह जिला परियोजना प्रबंधन इकाई सारण को दिया गया है.
जलापूर्ति की इन योजनाओं से संबंधित पंचायतों की प्रथम चरण में एक लाख 13 हजार 555 लोगों को 24 घंटे नल के जल की सुविधा मिलेगी.
60 करोड़ रुपये होंगे खर्च ग्रामीण पेयजलापूर्ति एवं स्वच्छता पर : जिले में चयनित 20 पंचायतों में 60 करोड़ रुपये की लागत से 21 जलापूर्ति योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी है. जिला परियोजना प्रबंधन इकाई के जिला प्रबंधक के अनुसार प्रत्येक पंचायत में लगभग तीन करोड़ रुपये की योजना शुरू की जायेगी.
पंचायतों की दो कमेटियां करेंगी कार्यान्वयन : पंचायतों में गठित लोक निर्माण समिति तथा लोक स्वास्थ्य समिति तथा लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ग्रामीण स्वच्छता समिति को ही संबंधित पंचायत के ग्रामीणों से परियोजना पर गृह संयोजन मद में सामान्य जाति के लोगों से 450 रुपये तथा एससीएसटी के परिवारों 225 रुपये लिये जायेंगे.
वहीं हर घर में 24 घंटे नल का जल उपलब्ध कराने वाली इस योजना का लाभ जब इसी परिवार में मिलने लगेगा तो इस परियोजना के संचालन में रखरखाव हेतु संबंधित परिवारों से प्रतिमाह शुल्क के रूप में 60 रुपये प्रति परिवार पंचायत स्तर की ये समितियां लेंगी.
