पदाधिकारियों के साथ बैठक करते प्रमंडलीय आयुक्त.
छपरा (सदर) : ग्रामीण कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओ के बारे में गलत प्रतिवेदन देने वाले विभागीय अधीक्षण अभियंता से जवाब तलब करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग के प्रधान सचिव को लिखने का निर्देश दिया है. साथ ही तकनीकी पदाधिकारियों की बैठक में किसी भी स्थिति में अधीक्षण अभियंता के बदले कार्यपालक अभियंता को भाग लेने के लिए अधिकृत नहीं होने का निर्देश दिया. प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल मंगलवार को प्रमंडल स्तरीय तकनीक पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक कर रहे थे.
बैठक में यह बात भी सामने आयी कि प्रमंडल के विभिन्न राष्ट्रीय उच्च पथों के निर्माण में सबसे बड़ी समस्या भुअर्जन की है. उसमें भी छपरा की स्थिति ज्यादा खराब है. इस समस्या के निदान के लिए आगामी 30 सितंबर को सारण, सीवान, गोपालगंज के डीएम के साथ समीक्षा बैठक करने की भी बात आयुक्त श्री लाल ने कही.
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी की बाढ़ एवं वर्षात के कारण विभिन्न पथों यथा पथ निर्माण विभाग, एनएच, एनएचएआई के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया कि पथों के निर्माण कार्य में तेजी लाकर सीघ्र पुरा किया जाये. समीक्षा के दौरान छपरा-हाजीपुर के बीच 66 किलोमीटर लंबी एनएच 19 में 26 किलोमीटर मुख्य पथ तथा शेष 40 किलोमीटर में तीन बाइपास तथा शितलपुर, दिघवारा एवं छपरा तक निर्माण कार्य पुरा करने का निर्देश दिया.
इसी प्रकार एनएच 85, छपरा, सीवान, गोपालगंज में 6 बाइपास, यथा एकमा, बनवार, पचरूखी, मीरगंज एवं गोपालगंज के निर्माण कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश दिया. वहीं छपरा, रेवा एनएच पर गड़खा एवं मकेर में बाइपास बनाने तथा एनएच 101 पर मोहम्मदपुर से मलमलिया तक निविदा किये जाने की बात सामने आयी है. बैठक में मुख्यमंत्री सेतु योजना की विभिन्न 12 योजनाओं तथा सोनपुर कार्य प्रमंडल की 18 अपूर्ण योजनाओं के कार्य को पूरा करने में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.
गलत रिपोर्ट देने वाले अभियंता से जवाब तलब
30 सितंबर को सीवान व गोपालगंज के डीएम के साथ होगी समीक्षा बैठक
