फर्जी शिकायत पर कर दिया गया जांच टीम का गठन बनियापुर. शिकायतकर्ता को कोई जानकारी नहीं और उसके नाम से भेजी गयी फर्जी शिकायत पर जांच टीम गठित हो गयी. मामला रेफरल अस्पताल से जुड़ा है, जहां के पदस्थापित चिकित्सक डॉ आरपी सिंह पर कई तरह के आरोप लगाते हुए राम धनाव पंचायत के निवर्तमान मुखिया के फर्जी हस्ताक्षर से स्वास्थ्य सचिव को आवेदन भेज जांच एवं कार्रवाई की मांग की गयी थी. स्वास्थ्य सचिव ने जिलाधिकारी को जांच का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन से जांच करा जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश निर्गत किया. सीएस ने एसीएमओ को जांच की जिम्मेवारी दी. मामले की जानकारी पर चिकित्सक ने जब इस बाबत मुखिया से बात की, तो मुखिया ने इस पर अनभिज्ञता जताते हुए ऐसी कोई शिकायत नहीं करने की बात बताते हुए चिकित्सक को लिखित दिया कि मेरे द्वारा इस तरह की शिकायत का आवेदन कहीं भी नहीं दिया गया है. मामले के उजागर होने के बाद चर्चा जोरों पर है कि फर्जी हस्ताक्षर से भेजे गये आवेदन का क्या प्रायोजन था एवं किसके द्वारा प्रायोजित था. कहीं अस्पताल के ही किसी पदाधिकारी एवं कर्मी के द्वारा तो साजिश के तहत इस तरह की कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया गया है. इस संबंध में जब चिकित्सक डॉ आरपी सिंह से बात की गयी, तो उन्होंने बताया कि मेरी छवि को बदनाम करने के उद्देश्य से साजिश के तहत इस तरह का कार्य किया गया है.
फर्जी शिकायत पर कर दिया गया जांच टीम का गठन
फर्जी शिकायत पर कर दिया गया जांच टीम का गठन बनियापुर. शिकायतकर्ता को कोई जानकारी नहीं और उसके नाम से भेजी गयी फर्जी शिकायत पर जांच टीम गठित हो गयी. मामला रेफरल अस्पताल से जुड़ा है, जहां के पदस्थापित चिकित्सक डॉ आरपी सिंह पर कई तरह के आरोप लगाते हुए राम धनाव पंचायत के निवर्तमान […]
