सरस्वती पूजा के मौके पर निर्मित पंडाल व स्वीमिंग पुल बना आकर्षण का केंद्र
छपरा(सारण) : देश में आज भले ही स्मार्ट सिटी बनाने की बात हो रही है और इसके मुकाबले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी स्मार्ट गांव बनाने की घोषणा की है. लेकिन, उसके पहले ही सेना के जवानों ने लाकट छपरा को स्मार्ट गांव बना दिया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
सेना के जवानों का कहना है कि सरकार द्वारा जो स्मार्ट सिटी व स्मार्ट गांव बनाने की परिकल्पना की गयी है उससे गांव के लोगों को पहले ही रू-ब-रू कराने का प्रयास कर रहें हैं. इस गांव की खासियत है कि लगभग प्रत्येक घर में कम-से-कम एक दो युवक भारतीय सेना में कार्यरत हैं, जो जल सेना, थलसेना, वायुसेना आदि शामिल हैं और वे प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी व सरस्वती पूजा के अवसर पर सभी एक साथ अवकाश लेकर गांव में आते हैं
और एक नया सोच व नयी परिकल्पना के साथ रचनात्मक कार्य को धरातल पर करते हैं तथा अपनी बादवाली पीढ़ी को देश व समाज के विकास व बदलाव के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित करते हैं.
सेना के जवानों का कहना है कि विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा के प्रति लोगों की बदल रही अवधारणा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. खास कर पूजा के दौरान नृत्य व नशा के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. गांव में करीब पांच दर्जन से अधिक सेना के जवान हैं
और सभी इसके लिए हमेशा एकजुट होकर समर्पित भाव से कार्य करते हैं और उनके समर्पण की भावना के साथ बसंत पंचमी के अवसर पर बनाये गये विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा पंडाल, स्वीमिंग पुल, कृत्रिम झील तथा पार्क सारण व सीवान के लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. सेना के जवान रत्नेश सिंह, संतोष कुमार सिंह, रजनीश सिंह, अनीश सिंह, राजेंद्र सिंह, नवीन सिंह, रंधीर सिंह, अंकित सिंह, मुकेश सिंह आदि का योगदान तो रहता ही हैं
लेकिन गांव के छात्र तथा नवजवान सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में इस पूरे परिकल्पना को साकार करते हैं जिसमें नीरज कुमार सिंह, अनुज कुमार सिंह, आलोक सिंह, सुबोध सिंह, निलेश सिंह समेत दर्जनों छात्रों का सहयोग रहता हैं इस गांव में करीब ढाई सौ घर है और वर्तमान समय में 70 की संख्या में सेना के जवान हैं. लगभग 25 पूर्व सैनिक भी हैं. यह गांव पूरे इलाके में पूर्व सैनिकों के गांव के रूप में प्रसिद्ध है.
