मामला डीजल रेल कारखाने की अधिगृहीत भूमि का
रेलवे दे रही एक फसली की रेट, रैयत मांग रहे दो फसली का मुआवजा
सरकार ने आयुक्त को बनाया एडमिनिस्ट्रेटर
छपरा (सारण) : मढ़ारा डीजल रेल कारखाना के लिए अधिगृहीत की भूमि के मूल्य को लेकर उत्पन्न विवादों का निबटारा करने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त प्रभात शंकर को एडमिनिट्रेटर बनाया गया है. अधिग्रहण की गयी भूमि के कुछ भाग के पूर्ण मुआवजा का भुगतान नहीं हुआ है, उसी भूमि के दर को लेकर कुछ भू-स्वामियों के द्वारा आपत्ति जतायी गयी है. दर असल शुरुआती दौर में भूमि का अधिग्रहण रेलवे प्रशासन के द्वारा शुरू किया गया था
और इस प्रक्रिया को पूर्ण करने की जिम्मेवारी भू-अर्जन विभाग को दे दिया गया. अधिग्रहण की गयी भूमि में से जिन भू स्वामियों को पूर्ण भुगतान नहीं हुआ है, उनके द्वारा भूमि के दर को लेकर कुछ भू-स्वामियों के द्वारा आपत्ति जतायी गयी है. दरअसल शुरुआती दौर में भूमि का अधिग्रहण रेलवे प्रशासन के द्वारा शुरू किया गया था और बाद इस प्रक्रिया को पूर्ण करने की जिम्मोवारी भू-अर्जन विभाग को दे दिया गया. अधिग्रहण की गयी भूमि से जिन भू-स्वामियों को पूर्ण भुगतान नहीं हुआ है,
उनके द्वारा भूमि के दर पर आपत्ति है. रेलवे द्वारा पुराने दर पर मुआवजा राशि का भुगतान के लिए आवंटित किया गया है. पुराने दर पर मुआवजा भुगतान लेने से भूमि स्वामियों ने इंकार कर दिया है जिसके समाधान के लिए प्रमंलीय आयुक्त एडमिनिट्रेटर बहाल किये गये है. जिन भूमि स्वामियों को दर पर आपत्ति है
व अडमिनिट्रेटर सह प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील कर सकते है. भूमि कीदर को लेकर दाखिल किये जाने वाले आपत्ति पर सुनवाई के दौरान एडमिनिस्ट्रेटर के द्वारा रेलवे तथा भू अर्जन विभाग को तलब किया जायेगा और तीनों पक्षों की मौजूदगी में नियमानुसार सुनवाई तथा कार्रवाई की जायेगी.
आयुक्त ने की समीक्षा : प्रमंडलीय आयुक्त ने भ्-अर्जन विभाग तथा रेले कारखाना के अधिकारियों के साथ बैठ पूरे मामले की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान पाया गया कि करीब 227 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है और करीब 14 करोड़ रुपये की राशि मुआवजा के रूप में भुगतान किया गया है. अधिग्रहण की गयी भूमि पर रेलवे को दखल कब्जा दे दिया गय गया है और उसका मोटेशन भी हो चुका है. समीक्षा के दौरान जिला भू अर्जन पदाधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि अधिग्रहण की गयी भूमि का 70 प्रतिशत मुआवजा का भुगतान रैयतों, भू स्वामियों को कर दिया गया है और उसका मोटेशनल भी हो चुका है. समीक्षा के दौरान जिला भू अर्जन पदाधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि अधिग्रहण की गयी भूमि का 70 प्रतिशत मुआवजा का भुगतान रैयतों-भू-स्वामियों को कर दिया गया है.
