शून्य वसूलीवाले राजस्व कर्मचारियों को करें चिह्नित
29 फरवरी तक सभी सीओ से डीएम ने मांगा ब्योरा
हर हाल में दाखिल-खारिज के मामले आरटीपीएस में निर्धारित समय सीमा के अंदर सुनिश्चित करने का निर्देश
आरटीपीएस काउंटरों पर बिचौलियों का बोलबाला
छपरा (सदर) : शून्य वसूलीवाले राजस्व कर्मचारियों को चिह्नित कर दो दिनों के अंदर अपर समाहर्ता के माध्यम से प्रतिवेदन भेजें ताकि उनके विरुद्ध निलंबन समेत अन्य कार्रवाई की जा सके. डीएम दीपक आनंद ने मंगलवार को आंतरिक संसाधन एवं राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भू-लगान की संतोषजनक प्रगति पर आपत्ति जताते हुए उक्त बात कही.
डीएम ने सभी सीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में दाखिल-खारिज के मामले आरटीपीएस में निर्धारित समय सीमा के अंदर सुनिश्चित करें.
अंचल में नॉन बैंकिंग संस्था पकड़ाने पर सीओ पर होगी कार्रवाई : डीएम दीपक आनंद ने कहा कि सभी सीओ अपने-अपने अंचल क्षेत्र में 29 फरवरी तक गैरबैंकिंग वित्तीय कंपनियों का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराते हैं तथा 29 फरवरी के बाद यदि किसी भी अंचल में गैरबैंकिंग चिटफंड कंपनियां कार्यरत पायी जायेंगी, तो सीओ के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. डीएम ने बैठक के दौरान कहा कि सभी आरटीपीएस काउंटरों पर बिचौलियों एवं दलालों का बोलबाला रहता है. परंतु, किसी भी सीओ द्वारा न तो औचक छापेमारी की जाती है और न ही गिरफ्तारी. उन्होंने सभी सीओ को प्रतिदिन औचक निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया.
साथ ही स्थापना उपसमाहर्ता को निर्देश दिया कि जिन पदाधिकारियों के विरुद्ध आरटीपीएस में दंड लग चुका है, उनसे जुर्माने की वसूली उनके वेतन से की जाये एवं हर हाल में आरटीपीएस रैंकिंग में सारण का स्थान प्रथम तीन स्थानों में पूरे राज्य में लाने का प्रयास किया जाये.
सबसे ज्यादा दरियापुर की 41 जन शिकायतें लंबित : समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि छपरा सदर सीओ के यहां 36, एकमा के पास 18, गड़खा के पास 35 तथा दरियापुर के पास 41 मामले लंबित हैं. डीएम ने स्पष्ट तौर पर सभी सीओ को कहा कि इन लंबित मामलों का 15 फरवरी तक एक्शन टेकेन रिपोर्ट प्रस्तुत करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
बैठक के दौरान परिवहन, उत्पाद, निबंधन, राष्ट्रीय बचत एवं वाणिज्य कर की उपलब्धि पर संतोष जताते हुए हर हाल में वास्तविक उपलब्धि शत-प्रतिशत तक पहुंचाने की जरूरत जतायी. साथ ही कहा कि उपलब्धि इतनी बेहतर होनी चाहिए कि राज्य में अत्यधिक राजस्व संग्रह करनेवाले प्रथम पांच जिलों में सारण शामिल हो.
