लिट्टी-चोखा भोज का चलन बढ़ा, रिश्तों में आयी गरमाहट ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अब शहरी इलाकों में भी खूब हो रहा है लिट्टी-चोखा भोज का आयोजन संवाददाता, दिघवारा. ठंड के मौसम में हर कोई लिट्टी चोखा का आनंद लेना चाहता है. घी लगी लिट्टी के साथ स्वादिष्ट चोखा हो तोे खाने का जायका ही बदल जाता है. आज जमाना भले ही आधुनिक हो गया हो. मगर अब भी ठंड के मौसम में लिट्टी चोखा का डिमांड कम नहीं हुआ है. ग्रामीण इलाके की कौन कहे शहरी क्षेत्रों में भी लिट्टी चोखा पसंद करने वाले लोगों की कमी नहीं है. अब तो जगह-जगह लोग लिट्टी चोखा पार्टी आयोजित कर खाते-खिलाते नजर आते हैं. लिट्टी चोखा से रिश्तों में आती है गरमाहट :लिट्टी चोखा की पार्टी जहां आयोजित होती है वहां खाने वाले लोग ही बनाने वाले लोग में शामिल होते है. कोई गोइठा लाता है तो कोई सत्तु और कोई चोखा का सामान खाने वालों की जुटना के साथ लिट्टी चोखा में प्रयोग में आने वाली वस्तुओं को एकत्रित कर देर शाम से लिट्टी चोखा बनाने का कार्य शुरू होता है और फिर दो घंटे में बनकर तैयार हो जाता है लजीज लिट्टी चोखा. इसके बाद बढ़ती है भाइयों की पंगत और हर कोई लिट्टी चोखा का आनंद चाव से उठाता है. साथ बैठ कर खाने से लोगों के बीच रिश्तों में गरमाहट आती है. लोग एक दूसरे के सुख-दुख में साझीदार बनते है एवं भाईचारे की भावना भी प्रगाढ़ होती है. सप्ताह में एक बार जरूर होता है आयोजन :ठंड के मौसम में पार्टी के मायने बदल जाते है एवं कमोवेश हर लोग अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से खुशी के मौके पर भोज की जगह लिट्टी-चोखा पार्टी की मांग करने में नही शर्माते हैं. कहीं लिट्टी चोखा, सलाद की पार्टी होती है तो कहीं मुर्गा, लिट्टी का आयोजन होता है. लोग छक कर इस पार्टी का आनंद उठाते है एवं शाम भी यादगार बन जाता है. ग्रामीण संस्कृति की दिखती है झलक :विजय मेडिकल के संचालक व नयागांव निवासी विजय सिंह, प्रभात मेडिकल के संचालक ध्रुव सिंह, अकबरपुर निवासी शिक्षक प्रमोद चौरसिया, फरहदा निवासी शिक्षक एके अंसारी, कनकपुर निवासी शिक्षक विरेंद्र कुमार सिंह सरीखे दर्जनों ऐसे व्यक्ति है जो ठंड के मौसम में आवासीय परिसर में लिट्टी चोखा भोज का आयोजन कर दोस्तों व रिश्तेदारों को खिलाने का मौका उपलब्ध कराते हैं. इन लोगों की मानें तो इस तरह पार्टी में ग्रामीण संस्कृति की झलक मिलती है. वहीं लिट्टी चोखा भोजन से अपनापन जैसा भाव मिलता है. भाग दौड़ की जिंदगी में लिट्टी चोखा के बहाने ही अपने मित्रों व परिजनों के साथ घंटों एक साथ वक्त गुजारने का मौका मिलता है तो इससे बड़ी बात क्या होगी? भोजन की बढ़ती लोकप्रियता का ही असर है कि शहरी व ग्रामीण इलाकों के वैवाहिक आयोजनों के भोज व न्यू ईयर की पार्टी में भी लिट्टी चोखा मजबूती से अपनी मौजूदगी का एहसास कराकर अपने स्वाद से लोगों का मन जितता है.
लट्टिी-चोखा भोज का चलन बढ़ा, रश्तिों में आयी गरमाहट
लिट्टी-चोखा भोज का चलन बढ़ा, रिश्तों में आयी गरमाहट ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अब शहरी इलाकों में भी खूब हो रहा है लिट्टी-चोखा भोज का आयोजन संवाददाता, दिघवारा. ठंड के मौसम में हर कोई लिट्टी चोखा का आनंद लेना चाहता है. घी लगी लिट्टी के साथ स्वादिष्ट चोखा हो तोे खाने का जायका ही बदल […]
