स्कूली वाहनों पर से नो इंट्री हटाने की मांग आदेश से बच्चे व अभिभावक हो रहे परेशाननोट: फोटो नंबर 7 सी.एच.पी 10 है कैप्सन होगा- बैठक में शामिल स्कूल संचालक संवाददाता, छपरास्कूली वाहनों के शहर में प्रवेश से रोक लगाने पर छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है एवं विद्यालय पहुंचने से वंचित हो रहे हैं. उक्त बातें सोमवार को प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सेंट्रल पब्लिक स्कूल में निजी विद्यालयों की बैठक में कही गयीं. बैठक में स्कूल संचालकों ने कहा कि जाम की समस्या से निजात पाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उक्त कार्रवाई की गयी है. हालांकि प्रशासन को इस बिंदु पर भी विचार करना चाहिए कि स्कूली वाहन केवल दो घंटे के लिए सुबह व शाम में परिचालित होते हैं, जबकि जाम की समस्या पूरे दिन होती है. जाम मुख्यत: अतिक्रमण व बिना ट्रैफिक नियमों का पालन किये चलनेवाली बाइक व ऑटो के कारण है. विद्यालय संचालकों ने कहा कि शिक्षण संस्थान जाम की समस्या से निजात पाने के जिला जिला प्रशासन की कोशिशों की सराहना करता है एवं सहयोग को तत्पर है. परंतु, शहर में नो इंट्री के आदेश से स्कूली वाहनों को अलग रखा जाना चाहिए. इसके लिए सर्व सम्मति से एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से भेंट कर अपनी समस्या व बिंदु रखने की बात कही. बैठक में संघ के महासचिव हरेंद्र सिंह, सचिव सत्येंद्र कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा समेत काफी संख्या में अभिभावक मौजूद थे.
स्कूली वाहनों पर से नो इंट्री हटाने की मांग
स्कूली वाहनों पर से नो इंट्री हटाने की मांग आदेश से बच्चे व अभिभावक हो रहे परेशाननोट: फोटो नंबर 7 सी.एच.पी 10 है कैप्सन होगा- बैठक में शामिल स्कूल संचालक संवाददाता, छपरास्कूली वाहनों के शहर में प्रवेश से रोक लगाने पर छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है एवं विद्यालय […]
