छपरा (सदर) : 42वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक-बालिका वॉलीबॉल चैंपियनशिप मंगलवार आठ दिसंबर से शुरू होगी. इसमें बालक वर्ग के गत विजेता उत्तरप्रदेश व बालिका वर्ग में गुजरात की टीमें खिताब की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हालांकि इन्हें हरियाणा, तमिलनाडु व केरल की टीमों से कड़ी टक्कर मिलेगी.
चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए विभिन्न 26 बालक तथा बालिका टीम के पदाधिकारी व खिलाड़ियों में पूर्व के वॉलीबॉल चैंपियनशिप से भी बेहतर प्रदर्शन करने का इरादा दिख रहा है. इस प्रतियोगिता में बालक व बालिका वर्ग में अलग-अलग विजेता, उपविजेता के अलावा तीसरी व चौथे स्थान के लिए टीमों का चयन होगा.
महाराष्ट्र टीम के मैनेजर मोहन पाटी, गुजरात टीम के कोच चंदर सिंह, झारखंड टीम में महिला टीम की मैनेजर कुमारी जयश्री, बालक वर्ग के प्रधान कोच जसपाल सिंह आदि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने व अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सलाह देते दिखे.
तीन सदस्यीय टीम करेगी प्रदर्शन का आकलनइस प्रतियोगिता के बाद जूनियर बालक व बालिका वर्ग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के चयन के लिए अर्जुन अवार्ड एवं द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित जीइ श्रीधरण की अध्यक्षता में दो अलग-अलग तीन सदस्यीय टीमें प्रतियोगिता अवधि में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करेंगी.
वहीं पश्चिम बंगाल के डॉ पी राय के नेतृत्व में दो विशेषज्ञों के द्वारा खिलाड़ियों की उम्र संबंधी स्क्रीनिंग भी की जा रही है. इनमें पंजाब के नरेश पाठक तथा महाराष्ट्र के जीवी राजेश्वर शामिल हैं.
2014 में चंडीगढ़ में हुई थी प्रतियोगितावॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष व छपरा में कार्यक्रम संचालन के लिए नियंत्री पदाधिकारी शेखर गुप्ता व बिहार वॉलीबॉल फेडरेशन के सचिव रामाशीष शर्मा के अनुसार, 23 से 28 दिसंबर, 2014 तक चंडीगढ़ में आयोजित इस प्रतियोगिता में बालक वर्ग में विजेता उत्तरप्रदेश, उपविजेता हरियाणा की टीमें रही थीं.
वहीं, तीसरे स्थान पर तमिलनाडु तथा चौथे स्थान पर केरल की टीमें रहीं. वहीं, बालिका वर्ग में गुजरात विजेता, तो केरल की टीम उपविजेता रही. तीसरे स्थान पर तमिलनाडु व चौथे स्थान पर पंजाब की टीमें रहीं.
