छपरा : दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ने सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष का लक्ष्य प्रमाणीकरण के लिए बुधवार को मूल्यांकन किया. टीम ने करीब आठ घंटे तक एक-एक बिंदुओं पर गहनता पूर्वक जांच किया. टीम ने प्रसव कक्ष के उपकरण व दवाओं के रख रखाव के बारे में जानकारी ली.
इस दौरान प्रसव कक्ष में मौजूद कर्मियों से मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की. एडमिशन रजिस्टर, रेफर रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर की जांच भी की गयी. सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष की गुणवत्ता भी देखी गयी. केंद्रीय टीम में ब्रिगेडियर मनोज भट्ट, रूपा रावत शामिल थी.
जांच के दौरान अगर रैंकिंग में 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त होता है तो सदर अस्पताल को तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी.
इस मौके पर आरएडी डॉ एके गुप्ता, सीएस डॉ माधेवश्वर झा, डीपीएम अरविंद कुमार, डीएस डॉ रामइकबाल प्रसाद, डॉ नीला सिंह, डिटीएल संजय विश्वास, डीपीसी रमेश चंद्र प्रसाद, रीजनल एमएनई शादान रहमान, डीएमई भानु शर्मा, हेल्थ मैनेजर राजेश्वर प्रसाद, अमितेश कुमार, गौरव कुमार, प्रिंस राज, सुमन कुमार आदि मौजूद थे.
मरीजों से लिया फीडबैक : केंद्रीय टीम ने सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष में आने वाले मरीजों के परिजनों से टीम ने फीडबैक लिया. प्रसव कक्ष में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की. जिसमें अधिकतर लोगो ने फीडबैक दिया कि प्रसव कक्ष बेहतर सुविधाएं मिल रही है. लागातर सुविधाओ में बढ़ोतरी भी हो रही है.
प्रसव कक्ष की गुणवत्ता की मैपिंग : सदर अस्पताल अस्पताल की गुणवत्ता की मैपिंग की गयी. जिसमें कुल 8 तरह के मूल्यांकन पैमाने बनाये गये हैं. इसमें अस्पताल की आधारिक संरचना के साथ अस्पताल में साफ़-सफाई का स्तर, स्टाफ की उपलब्धता, लेबर रूम के अंदर जरुरी संसाधनों की उपलब्धता के साथ ऑपरेशन थिएटर की भी मैपिंग की गयी है.
अस्पताल का लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रमाणिकरण किया जा रहा है. लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सभी संसाधनों व सुविधा उपलब्ध कराया गया है और लक्ष्य कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष को सुसज्जित कर दिया गया है. प्रसव कक्ष को बेहतर बनाने से मरीजों को सुविधा व सहुलियत हो रही है.
तीन स्तरों पर रैंकिंग : लक्ष्य कार्यक्रम की तहत तीन स्तर पर रैंकिंग की जाती है. पहले जिला स्तर पर, उसके बाद रिजनल स्तर पर और तृतीय चरण में राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग की जाती है. प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 75 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है.
लक्ष्य हासिल करने पर मिलेंगे तीन लाख रुपये, 70% लक्ष्य प्राप्त करना जरूरी
इन मानकों पर तय होते हैं पुरस्कार
अस्पताल की आधारभूत संरचना
साफ-सफाई एवं स्वच्छता
जैविक कचरा निस्तारण
संक्रमण रोकथाम
अस्पताल की अन्य सहायक प्रणाली
स्वच्छता एवं साफ़-सफाई की स्थिति
राज्य सरकार को सौपेंगी प्रसव कक्ष की क्वॉलिटी की रैंकिंग रिपोर्ट
केंद्रीय टीम प्रसव कक्ष के क्वॉलिटी का रैंकिंग करेगी. सुविधाओं के अनुसार मार्क्स दिया जायेगा. टीम रैंकिंग की करने के बाद अपना जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौपेंगी. जिसके बाद रैंकिंग जारी किया जायेगा. तय मानकों के सापेक्ष 70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार दिये जाने का भी प्रावधान है. सांत्वना पुरस्कार के रूप में सदर अस्पताल को 3 लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या अनुमंडलीय अस्पतालों को एक लाख एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं.
