प्रभात किरण हिमांशु, छपरा : महानगरों की चकाचौंध छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में अब छोटे शहरों की तरफ भी युवाओं का आकर्षण बढ़ रहा है. छपरा शहर में पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के अलावा हरियाणा व राजस्थान से भी कई युवा विगत कुछ माह से रोजगार के लिए पहुंच रहे हैं. इन युवाओं ने शहर में अपने लिए कोई न कोई काम तलाश लिए है.
कोई जलेबी की दुकान चला रहा है तो कोई फुटपाथ पर चाय नाश्ते की दुकान लगाकर रुपये कमा रहे हैं. शहरवासी भी इन युवाओं के दुकानों पर बतौर ग्राहक अपनी उपस्थिति दर्ज करा रोजगार को समृद्ध बनाने में योगदान दे रहे हैं. दूसरे राज्यों से छोटे शहर में आकर इन युवाओं को भी आर्थिक रूप से संबल मिल रहा है.
रोजाना पांच से सात सौ तक होती है कमाई :आज छपरा शहर के बेरोजगार युवक रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों की ओर रुख कर रहे हैं.
वहीं बाहर से आये यह युवक छोटा-मोटा काम या फुटपाथ किनारे दुकान चला कर रोजाना पांच सौ से सात सौ तक की कमाई कर लेते हैं. कुछ ने तो नगर निगम से दुकान लगाने का टोकन भी प्राप्त किया है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर कोई परेशानी न हो. शहर इन्हें अच्छा लग रहा है और ये युवा मन लगाकर अपने काम मे जुटे हैं.
बिहार में हुए बदलाव से प्रेरित होकर आ रहे हैं युवा
हरियाणा से आये रवि बताते हैं कि उनके प्रदेश में बिहार के विकास की अक्सर चर्चा होते रहती है. गांव के लोगों ने ही बिहार में हुए बदलाव से प्रेरित होकर उन्हें यहां आकर काम करने की बात कही. विगत सात माह से वह अपने 15 से भी अधिक दोस्तों के साथ यहां रह रहे हैं.
रवि और इनके साथियों द्वारा शहर में पांच-छह जगहों पर अस्थायी दुकानें लगायी जाती हैं. वहीं राजस्थान के बलिराम भी आने साथियों के साथ छपरा में रोजगार के लिए आये हैं. राजस्थान के अरवल, जयपुर, यूपी के मुर्शिदाबाद, बलिया, गोरखपुर व हरियाणा के कुछ जिलों से रोजगार की तलाश में आये इन युवाओं को छपरा शहर खूब भा रहा है.
