छपरा(कोर्ट) : बिहार राज्य खाद्य निगम से तथ्यों को छिपाकर एवं अवैध कागजी खानापूर्ति कर एक ही जमीन पर दो राइस मिलों को दर्शाते हुए निगम से धोखाधड़ी करने के मामले में अभियुक्त बनाये गये राइस मिलर की अग्रिम जमानत याचिका पर जिला जज ने सुनवाई की.
बुधवार को जिला जज रमेश तिवारी ने गड़खा के साधपुर स्थित आशु राइस मिल के मालिक वीरेंद्र कुमार सिंह की याचिका संख्या 832/19 पर सुनवाई की. जमानत के बिंदु पर बचाव पक्ष और अभियोजन की ओर से पक्ष व विपक्ष में बहस की गयी. दोनों पक्षों की बहस सुनने के उपरांत न्यायाधीश ने अभियोजन को अगली तिथि 25 मार्च को निचली अदालत के अभिलेखों को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.
ज्ञात हो कि खाद्य निगम के जिला प्रबंधक उमेश दास ने गड़खा थाना कांड संख्या 106/19 में मिलर वीरेंद्र सिंह और उनके पुत्र को अभियुक्त बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
आरोप में कहा था कि मिलर ने अपनी पुरानी आशु राइस मिल जिस पर 66 लाख का डिफॉल्टर है, की जगह जालसाजी कर अपने पुत्र रूपेश कुमार को प्रोपराइटर बना दिया और रोशनी राइस मिल नामक दूसरी मिल को दर्शाते हुए निगम के साथ एग्रीमेंट कर सरकार के साथ धोखाधड़ी की है.
