तरैया : थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव में सड़क दुर्घटना में जख्मी 55 वर्षीय धर्मनाथ सिंह की सोमवार को पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गयी. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को शव को सड़क पर रखकर तरैया-अमनौर एसएच 104 को संग्रामपुर गांव में जाम कर यातायात बाधित कर दिया. यातायात बहाल कराने में […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
तरैया : थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव में सड़क दुर्घटना में जख्मी 55 वर्षीय धर्मनाथ सिंह की सोमवार को पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गयी. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को शव को सड़क पर रखकर तरैया-अमनौर एसएच 104 को संग्रामपुर गांव में जाम कर यातायात बाधित कर दिया. यातायात बहाल कराने में पदाधिकारियों के पसीने छूट गये. काफी मान-मनौवल के बाद करीब छह घंटे के बाद यातायात बहाल हो सका. जानकारी के अनुसार, धर्मनाथ सिंह गत 23 जून को सड़क दुर्घटना में जख्मी हो गये थे. उनका इलाज पीएमसीएच में चल रहा था. घटना के दौरान ही वे कोमा में चले गये थे.
पीएमसीएच के आईसीयू में इलाज के दौरान उन्होंने सोमवार की दोपहर बाद दम तोड़ दिया. पटना में अंत्यपरीक्षण कराने के बाद परिजन देर रात शव लेकर घर पहुंचे. मंगलवार की सुबह घर के सामने परिजनों ने सड़क पर शव को रखकर यातायात बाधित कर दिया. आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर टायर जलाकर तथा लकड़ी का बड़ा-बड़ा टुकड़ा रखकर पूरी तरह से आवागमन बाधित कर दिया. सूचना पाकर तरैया थानाध्यक्ष मनोज कुमार प्रसाद, अंचलाधिकारी वीरेंद्र मोहन, जाम स्थल पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. परंतु, आक्रोशित लोग सुनने को तैयार नहीं हुए. लोग पीड़ित परिजनों को उचित मुआवजा देने, सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने, वरीय पदाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े थे. उनका आरोप था कि घटना के बाद उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी.
ठोकर मारने वाली गाड़ी को पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया. ग्रामीण कुछ भी सुनने व मानने को तैयार नहीं थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए मसरख अंचल के अंचल निरीक्षक दिनेश पासवान, पानापुर थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो, मसरख थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान, अमनौर थानाध्यक्ष प्रभाकर कुमार पांडेय, तरैया बीडीओ राकेश कुमार, भाजपा के वरिष्ठ नेता शेखर सिंह, संजय सिंह, पूर्व प्रमुख अनिल सिंह, पचरौड़ पंचायत के मुखिया विनोद कुमार सिंह पहुंचे तथा परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करवाया.
तरैया बीडीओ ने तत्काल पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के परिजन को बीस हजार रुपये तथा मुखिया विनोद कुमार सिंह ने कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 3000 रुपये उपलब्ध कराया तथा नियमानुसार अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर आक्रोशित लोगों ने जाम हटाया.
करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क जाम हटा तो पुलिस व प्रशासन के लोगों ने राहत की सांस ली. सड़क जाम रहने के कारण दोनों तरह गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी थी.