पटना/छपरा : छपरा की रहने वाली नाबालिग युवती से उसका सगा चाचा कामाख्या सिंह उर्फ नवल सिंह तीन माह से डरा-धमका कर दुष्कर्म कर रहा था. युवती किसी तरह से छपरा से भाग कर पटना के कदमकुआं थाने इलाके में रहने वाली मौसी के घर पर पहुंच गयी. इसके बाद बिहार महिला विकास मंच के […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना/छपरा : छपरा की रहने वाली नाबालिग युवती से उसका सगा चाचा कामाख्या सिंह उर्फ नवल सिंह तीन माह से डरा-धमका कर दुष्कर्म कर रहा था. युवती किसी तरह से छपरा से भाग कर पटना के कदमकुआं थाने इलाके में रहने वाली मौसी के घर पर पहुंच गयी. इसके बाद बिहार महिला विकास मंच के संपर्क में आयी.
मंच की मुख्य संरक्षक वीणा मानवी ने डीआईजी सेंट्रल राजेश कुमार से संपर्क किया और उन्हें जानकारी दी. डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कदमकुआं थानाध्यक्ष अजय कुमार को तलब किया और उन्हें निर्देश दिया कि नाबालिग युवती के साथ हुए दुष्कर्म की प्राथमिकी की सारी प्रक्रिया को पूरा करें और उसे अपने साथ लेकर छपरा के अवतारनगर थाने ले जायें. इसके साथ ही डीआईजी ने छपरा एसपी को पूरे मामले की जानकारी देकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद कदमकुआं थानाध्यक्ष ने नाबालिग की मेडिकल जांच करायी. तमाम प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग को छपरा के अवतार नगर थाने ले जाया गया और लड़की के बयान के आधार पर चाचा के खिलाफ दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज की गयी.
मजबूरी का फायदा उठा चाचा करता था दुष्कर्म: युवती का चाचा कामाख्या सिंह छपरा जिले के अवतारनगर थाने के नरांव गांव का रहने वाला है. कामाख्या सिंह ट्रांसपोर्टर है और वह मुखिया का चुनाव भी लड़ चुका है. कई वर्षों पहले नाबालिग युवती के शराबी पिता ने अपनी ही बेटी के साथ छेड़खानी की थी. इसके बाद उसकी मां उसे लेकर पटना सिटी में आ कर रहने लगी थी. और, छोटा-मोटा काम कर जीवनयापन करने लगी. तीन माह पहले ही युवती की मां की मौत हो गयी और फिर चाचा उसे पटना से अपने गांव पर ले आया. जहां मां का श्राद्धकर्म किया गया. लेकिन जैसे ही श्राद्धकर्म खत्म हुआ उसी दिन चाचा ने जबरन कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया.
इसके बाद वह लगातार मारपीट कर दुष्कर्म करता रहा. इस बात की शिकायत युवती ने अपनी चाची से की. लेकिन चाची ने कोई रिस्पांस नहीं लिया. इसके बाद युवती वहां से जाने के लिए मौके की ताक में रहती थी. छह दिन पहले उसे मौका मिल गया और किसी तरह से कदमकुआं इलाके में रहने वाली अपनी मौसी के घर चली आयी.
मौसी को उसने सारी बातें बतायी तो फिर मौसी ने बिहार महिला विकास मंच से संपर्क किया. मंच से जुड़ी महिलाओं ने युवती का साथ दिया और डीआईजी सेंट्रल को सारी बातों की जानकारी दी गयी. मंच की मुख्य संरक्षक वीणा मानवी ने बताया कि लड़की छह दिन पहले पटना आयी थी और फिर उनलोगों को जानकारी मिली. लड़की का चाचा अभी भी फोन कर धमकी दे रहा है. उन्होंने कार्रवाई करने के लिए डीआईजी सेंट्रल को धन्यवाद भी दिया.