दरभंगा: परीक्षा बोर्ड से पास होने पर संस्कृत विवि देगा PHD का रिजल्ट, नयी प्रक्रिया अपनाने वाला पहला विवि

Sanskrit University: पीएचडी की मौखिकी परीक्षा के बाद नयी प्रक्रिया के तहत रिजल्ट जारी करने वाला प्रदेश का यह इकलौता विश्वविद्यालय होगा. हालांकि, इसके लिए अब तक कोई कार्यालय आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की गयी है.

प्रवीण कुमार चौधरी

दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को पीएचडी की मौखिकी परीक्षा के बाद रिजल्ट के लिए अब काफी इंतजार करना होगा. पहले की तरह अब परीक्षा के तुरंत बाद अधिसूचना जारी नहीं की जायेगी. परीक्षा बोर्ड की बैठक में रिजल्ट जारी करने का निर्णय लिये जाने के बाद ही इस बाबत अधिसूचना जारी होगी. अगस्त से पीएचडी की जितनी मौखिकी परीक्षा हुई है, उसके रिजल्ट की अधिसूचना जारी नहीं की गयी है. ऐसे गवेषकों की संख्या करीब दर्जनभर है. पीएचडी की मौखिकी परीक्षा के बाद नयी प्रक्रिया के तहत रिजल्ट जारी करने वाला प्रदेश का यह इकलौता विश्वविद्यालय होगा. हालांकि, इसके लिए अब तक कोई कार्यालय आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की गयी है.

रिजल्ट में विलंब से प्रभावित होंगे गवेषक

विवि सूत्रों का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक ने इसके लिए अलग से संचिका पर कुलपति से आदेश प्राप्त कर लिया है. नयी प्रक्रिया के तहत पीएचडी मौखिकी परीक्षा का रिजल्ट जारी करने की अनुशंसा प्राप्त करने के लिए 24 नवंबर की परीक्षा बोर्ड की बैठक के एजेंडा में इसे शामिल किया गया था. हालांकि, बैठक स्थगित हो गयी. संस्कृत विवि द्वारा अपनायी जाने वाली नयी प्रक्रिया का खामियाजा शोधार्थियों को भुगतना पड़ेगा. रिजल्ट अधिसूचित की प्रक्रिया जटिल होगी. मौखिकी परीक्षा संपन्न होने के बावजूद रिजल्ट की अधिसूचना जारी करने के लिए परीक्षा बोर्ड की बैठक का इंतजार रहेगा. मौखिकी परीक्षा कितने दिन पहले ही क्यों नहीं संपन्न हो चुका हो, अधिसूचित किये जाने की तिथि से ही पीएचडी उपाधि प्रभावी होगी. इस कारण भी छात्रों को नुकसान उठाना होगा.

कहते हैं विवि अधिनियम के जानकार

विवि अधिनियम के जानकारों का कहना है कि पीएचडी की सभी प्रक्रिया यूजीसी रेगुलेशन के आलोक में राजभवन द्वारा जारी स्टैच्यूट से गाइड होती है. पारंपरिक कोर्स की परीक्षा व रिजल्ट से संबंधित कार्य विवि अधिनियम से संचालित होता है, जो पीएचडी रेगुलेशन से भिन्न है. मौखिकी परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित संचिका पर विभागाध्यक्ष व संकायाध्यक्ष अनुशंसा करते हैं. इसके बाद परीक्षा नियंत्रक सीधे संचिका बढ़ाकर कुलपति से आदेश प्राप्त कर अधिसूचना जारी कर देते हैं.

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मिथिला विवि रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया को और बना दिया सरल

एक ही परिसर स्थित मिथिला विवि में पहले पीएचडी की मौखिकी परीक्षा संपन्न होने के बाद विभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष की अनुशंसा के आलोक में परीक्षा नियंत्रक द्वारा सीधे संचिका बढ़ाकर कुलपति से प्रशासनिक आदेश लेकर रिजल्ट की अधिसूचना जारी की जा रही थी. इधर, करीब छह माह पहले से कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने गवेषकों की सुविधा एवं रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया की जटिलता कम करने के उद्देश्य से सीधे उप परीक्षा नियंत्रक को ही अधिसूचना जारी करने के लिये अधिकृत कर दिया है. अब मिथिला विवि में सीधे उप परीक्षा नियंत्रक ही पीएचडी मौखिकी परीक्षा के रिजल्ट की अधिसूचना जारी कर रहे हैं.

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