सजावटी मछली व्यवसाय में महिलाओं की भूमिका अहम : डा श्रीवास्तव

अधीनस्थ मात्स्यिकी महाविद्यालय के सभागार में सजावटी मछलीपालन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत की गयी.

पूसा . डा राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ मात्स्यिकी महाविद्यालय के सभागार में सजावटी मछलीपालन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत की गयी. वहीं मत्स्यपालन, प्रसंस्करण एवं उत्पादों का निर्माण विषय पर चल रहे छह दिवसीय प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र वितरण के साथ संपन्न हुआ. अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता डॉ पीपी श्रीवास्तव ने कहा कि महिला प्रशिक्षणार्थी सजावटी मछलियों के प्रजनन, पालन का तकनीकी और क्रियाशील प्रशिक्षण अर्जित कर प्राप्त ज्ञान से स्वरोजगार अपनाकर बेहतर लाभ प्राप्त कर सकती हैं. सजावटी मत्स्यपालन व्यवसाय का क्षेत्र बहुत ही व्यापक है. महिलाएं कम लागत में एक्वेरियम निर्माण कार्य शुरू कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकती है. प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रशिक्षणार्थी अपनी तकनीकी ज्ञान को अन्य मत्स्यपालकों तक पहुंचाने का संकल्प लें. प्रशिक्षणार्थी से आह्वान किया कि वे सजावटी मछलियों का मत्स्यपालन कार्य एवं एक्वेरियम व्यवसाय अवश्य करें व समाज में अन्य लोगों को भी स्वरोजगार हेतु प्रेरित करें. मौके पर समस्तीपुर जिले के चयनित 25 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया. उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शस्य विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. इन्दु भूषण पाण्डेय थे. मौके पर मात्स्यिकी महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. राजीव कुमार ब्रह्मचारी, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. तनुश्री घोड़ई, डॉ प्रवेश कुमार, प्रशिक्षण संयोजक रोशन कुमार राम, महाविद्यालयकर्मी डॉ. राजेश कुमार, विनोद कुमार, साजन कुमार भारती आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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