बिथान. बीते दो दिन से हो रही तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. मकई, भिंडी, परवल, लौकी, घिउरा की फसलें भी पानी में डूब गईं. खेतों में कमर भर पानी जमा हो गया है. अप्रैल की शुरुआत में जब गेहूं की फसल पकने को होती है, तब इस तरह की बारिश ने किसानों को संकट में डाल दिया है. बिथान के गांवों के हजारों किसान परेशान हैं. सोहमा गांव के सुनील कुमार यादव, जगमोहरा के राकेश कुमार, राजेन्द्र राम, दर्जिया फुहिया के राजेश महतो, बब्लू मुखिया, जय कुमार मुखिया, पुसहो के कैलाश राय, अभय कुमार, उजान के विजय मुखिया, मरथुआ के अरविंद यादव, बिथान के सत्यनारायण मुखिया समेत कई किसानों ने बताया कि उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई. खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ने लगी है. बता दें कि यहां के किसान गेहूं और मकई पर निर्भर रहते हैं. इन्हीं फसलों से साल भर घर चलता है. इस बार किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी. अब बिन मौसम बारिश, तेज हवा, अंधड़ और ओलावृष्टि ने सब कुछ तबाह कर दिया. किसान कर्ज में डूबने लगे हैं. मौसम विभाग ने बारिश की चेतावनी दी थी. लेकिन इतनी तेज बारिश की उम्मीद नहीं थी. किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों से पानी निकालने की कोशिश करें.
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