विद्यापतिनगर : श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर महाशिवरात्रि का व्रत देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित किया. इस दौरान विद्यापतिधाम उगना महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए शिवभक्त उमड़ पड़े. अहले सुबह से ही आराध्य पर गंगा जल चढ़ाने की भीड़ का तांता लगा रहा. पार्श्ववर्ती गंगा नदी के चमथा नम्बर घाट,पटासिया, मकड़ा, तेघरा अयोध्याघाट से गंगा पूजन कर श्रद्धालु गंगाजल के साथ उगना महादेव मंदिर पहुंचने लगे. इससे चारों दिशाओं की सड़कें सहित पक्की-कच्ची पगडंडियां श्रद्धालुओं से भरी रही. चहुंओर हर-हर महादेव, जय शिवशंकर, बोल बम जैसे महादेव के जयघोष से गुंजित होता रहा. वहीं रेलमार्ग भी इससे अछूता नहीं रहा. विद्यापतिधाम स्टेशन की ओर आने वाली सभी सवारी गाड़ियां शिवभक्त की भीड़ से पटी रही. इससे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर दिनभर श्रद्धालुओं का जान सैलाव दिखा. श्रद्धालुओं ने गंगाजल दुग्ध,घी के साथ भोलेनाथ का अभिषेक कर मंदिर की परिक्रमा पूरी की. वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में अलग अलग स्टॉल लगाकर भगवान के प्रिय गंगाजल, फूल, धतूर, बेलपत्र, तुलसीपत्र, धूप, कपूर, अगरबत्ती सहित पूजन सामग्री भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराया गया. कतारबद्ध जलाभिषेक व सुचरुपूर्ण व्यवस्था को लेकर मंदिर कमेटी एवं स्थानीय पुलिस बल भक्तिभाव के इस महाकुम्भ में तल्लीन रहे. मंदिर कमेटी के गणेश गिरी कवि ने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक महा शिवरात्रि त्योहार है. बताया कि भगवान शिव की पूजा करने से सुख समृद्धि अति है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं. कहा कि रात्रि में भगवान देवाधिदेव का अद्भुत श्रृंगार विधि विधान,वैदिक रीति रिवाज के साथ पांडा पुजारी की टीम के द्वारा की जायेगी. तत्पश्चात मंदिर के विवाह मंडप में शिव पार्वती विवाह का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया जायेगा. इसके लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटाने लगी है. व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किया गया है. ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. महा शिवरात्रि को लेकर क्षेत्र के सभी शिवालय में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ रही. बाजितपुर, सिमरी, हरपुर बोचहा,खनुआ के शिवालय भी जलाभिषेक के लिए आस्था का केंद्र बने.
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