Vibhutipur News: प्रखंड के भुसवर पंचायत के वार्ड 8 निवासी 22 वर्षीय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे शिकास कुमार की बीमारी से मौत हो गयी. रविवार सुबह करीब 10 बजे एंबुलेंस से उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गयी. बेटे की जान बचाने के लिए मां ने अपनी एक किडनी तक दान कर दी थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शिकास को बचाया नहीं जा सका.
सिरदर्द की शिकायत के बाद दोनों किडनियां खराब होने का चला पता
परिजनों के अनुसार, शिकास को शुरुआत में सिर्फ सिरदर्द की शिकायत थी. बेगूसराय के एक निजी चिकित्सक से इलाज के दौरान जांच में पता चला कि उसकी दोनों किडनियां काम करना बंद कर चुकी हैं. इसके बाद बेटे की जान बचाने के लिए मां ने अपनी एक किडनी दान करने का फैसला किया.
जून के दूसरे सप्ताह में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट कराया गया. इलाज में परिवार के करीब 15 लाख रुपये खर्च हो चुके थे. यह राशि रिश्तेदारों और अन्य माध्यमों से कर्ज लेकर जुटायी गयी थी.
सोशल मीडिया पर अपील के बाद लोगों ने भेजे करीब तीन लाख रुपये
ट्रांसप्लांट के कुछ ही सप्ताह बाद जुलाई के दूसरे सप्ताह में शिकास को फिर गंभीर दर्द होने लगा. परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की अपील की गयी. इसके बाद लोगों ने क्यूआर कोड के जरिये करीब तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता की.
परिजन शिकास को बेहतर इलाज के लिए नई दिल्ली के कई अस्पतालों में ले गये, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति के कारण अस्पतालों में भर्ती नहीं हो सका. अंततः परिजन उसे लेकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान शनिवार की शाम रास्ते में ही शिकास ने दम तोड़ दिया.
शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
रविवार को शव गांव पहुंचते ही परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. ग्रामीणों ने नम आंखों से शिकास को श्रद्धांजलि दी.
स्थानीय मुखिया रंजीत कुमार महतो, पंसस निरंजन कुमार, डीवाईएफआई अंचल मंत्री बबलू कुमार, जिप सदस्य जितेंद्र राम, सीपीएम नेता विश्वनाथ महतो और एसएफआई के पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश कुमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी.
