Three-day training on manufacturing and proper marketing of quality products from food crops started in the auditorium of Nutritious Grain Value Chain Excellence Center located at Dr. Rajendra Prasad Central Agricultural University. पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित पोषक अनाज मूल्य शृंखला उत्कृष्टता केंद्र के सभागार में श्री अन्न फसलों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का निर्माण एवं समुचित बाजार करने के विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. अध्यक्षता करते हुए सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा उषा सिंह ने कहा कि मिलेट्स का गुणवतापूर्ण उत्पादों के निर्माण में समय प्रबंधन का महत्वपूर्ण भूमिका है. उत्पाद के निर्माण में एक एक क्षण बेस कीमती होता है. इसे प्रबंधन कर गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाया जा सकता है. मिलेट्स उत्पादन से लेकर बाजार करने तक ग्रामीण महिलाओं का सर्वोपरि योगदान है. जिले के दलसिंहसराय एवं मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड से आयी 30 ग्रामीण महिला किसान प्रशिक्षण के इस सत्र में भाग ले रही हैं. जिन्हें मिलेट्स उत्पादन एवं उत्पादों के निर्माण से संबंधित सभी तकनीकी ज्ञानवर्धन करने की जरूरत है. डा सिंह ने कहा कि जब तक कार्य पूर्ण न हो तब तक क्रियाशील रहने की आवश्यकता है. श्री अन्न का मूल्य संवर्धित उत्पादों को बढ़वा देने से ही बेहतर स्वास्थ्य एवं समुचित आय की कल्पना की जा सकती है. देश स्तर पर लोग भर पेट तो भोजन कर ही लेते पर खासकर बिहार राज्य में महिलाएं एवं छोटे-छोटे मासूम बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे है. इससे निबटने के लिए भारत एवं राज्य सरकार सतत मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयत्नशील है. विविध प्रकार के भोजन करने की आवश्यकता है. मिलेट्स की उत्पादों के गुणवत्ता को नियंत्रित कर बेहतर बाजार में ब्रांडिंग कर सकते है. ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए खुद महिला ही सक्षम है. स्वागत भाषण वैज्ञानिक डा पुष्पा सिंह ने दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में प्रैक्टिकल ऑन स्किल डेवलपमेंट का पूर्णरूप से उपयोग किया गया है. कुशल जानकारी के साथ सीखने पर निश्चित रूप से ज्ञानवर्धन होगा. संचालन डॉ. ऋतम्भरा सिंह ने किया. धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डा गीतांजलि चौधरी ने दिया.
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