Samastipur News:बिहार में गुड़ उत्पादन की असीम संभावनाएं : कुलपति

डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में गन्ना अनुसंधान संस्थान में गुड़ उत्पादन एवं प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया.

By KRISHAN MOHAN PATHAK | January 9, 2026 6:36 PM

Samastipur News:पूसा : डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में गन्ना अनुसंधान संस्थान में गुड़ उत्पादन एवं प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया. कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि बिहार में गुड़ उत्पादन की असीम संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि अभी राज्य में ज्यादातर गुड़ पश्चिम उत्तर प्रदेश से आता है. लेकिन वर्तमान सरकार गुड़ के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहती है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राज्य सरकार के सहयोग से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में गुड़ प्रसंस्करण उद्योग को विकसित करने का प्रयास कर रही है. यह प्रशिक्षण भी उसी की एक कड़ी है. उन्होंने कहा कि चौथे कृषि रोड मैप के तहत विश्वविद्यालय राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. इसमें राज्य सरकार के अधिकारियों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है. उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे सिर्फ गुड़ प्रसंस्करण ही नहीं बल्कि गुड़ के मार्केटिंग और ब्रांडिंग के बारे में भी जानकारी हासिल करे. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक आसान भाषा में उन्हें सभी चीजें समझाने का प्रयास करेंगे. लेकिन यदि कहीं भी कुछ समझ न आये तो वे प्रश्न पूछने में हिचकिचाहट नहीं महसूस करें. गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ देवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण में राज्य के दस से अधिक जिले के किसान भाग ले रहे हैं. सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के दौरान ठंड को ध्यान में रखकर प्रतिभागियों के लिए रहने व खाने के इंतजाम हैं. कहा कि संस्थान ने पिछले तीन साल में पांच से अधिक प्रभेद और की तकनीक विकसित की है. राष्ट्रीय स्तर पर भी अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के मीटिंग में संस्थान के कार्यों की सराहना की गई है. उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्ष में विश्वविद्यालय राज्य में पांच सौ से अधिक गुड़ प्रसंस्करण उद्योग शुरू कराना चाहता है. इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है. स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ मयंक राय ने कहा कि गन्ना उत्पादन में बिहार एक प्रमुख राज्य रहा है लेकिन विभिन्न कारणों से यह पिछड़ गया था. लेकिन अब काफी तेजी से प्रगति कर रहा है. बिहार सरकार के उपनिदेशक गन्ने एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे. संचालन डा सुनीता कुमारी मीणा ने किया. कार्यक्रम के दौरान डॉ बलवंत कुमार, डॉ सीके झा, डॉ मिनातुल्ला, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ कुमार राज्यवर्धन मौजूद थे.

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