Samastipur News:राजकीय शिक्षक पुरस्कार : मुकेश व विभा पर टिकी जिले की नजर

प्राथमिक स्कूल से लेकर प्लस टू स्कूलों के शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई.

Samastipur News:समस्तीपुर : प्राथमिक स्कूल से लेकर प्लस टू स्कूलों के शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई. निर्धारित अंतिम अवधि समाप्ति तक आधा दर्जन शिक्षकों ने ही आवेदन किया. बताते चलें कि जिले में बीस हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत है. जानकारी के अनुसार, उत्कृष्ट शिक्षकों की खोज के लिए जिले को लगभग 25 दिनों का समय मिला. वक्त था शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने का, जिसके लिए कम से कम तीन शिक्षकों का चयन कर राज्य को उपलब्ध कराना था. जिला शिक्षा विभाग ने अपने अनोखे शिक्षण शैली के माध्यम से रोचक अंदाज में बच्चों को पढ़ाने वाले हसनपुर प्रखंड के प्राथमिक कन्या विद्यालय मालदह के शिक्षक बैद्यनाथ रजक, उच्च माध्यमिक विद्यालय दिघरा पूसा के शिक्षक मुकेश कुमार मृदुल व मध्य विद्यालय दलसिंहसराय के एचएम कुमारी विभा का नाम भेजा गया है. इधर, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए बिहार से छह शिक्षकों के नाम की अनुशंसा की गई है, जिसमें शिक्षक बैद्यनाथ रजक भी सम्मिलित हैं. अब राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए मुकेश कुमार मृदुल व कुमारी विभा का नाम ही सूची में है. शिक्षाविद् डा. दशरथ तिवारी का कहना है कि आवश्यकता है कि विभागीय स्तर पर ऐसे पुरस्कार के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण, रचनात्मक कार्यों के लिए गाइडलाइन और समय-समय पर उसका मूल्यांकन किया जाये, ताकि जिले से अधिक से अधिक शिक्षकों को इसके लिए तैयार किया जा सके. जिला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके. वही सूबे स्तर पर राजकीय शिक्षक पुरस्कार की राशि दोगुनी करने की चर्चा जोरों पर है. पुरस्कार की राशि 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार करने का प्रस्ताव है. शिक्षा विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है. वित्त विभाग से राशि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद इसकी राज्य कैबिनेट से स्वीकृति ली जायेगी. राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही यह लागू हो जायेगा. शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि इसी साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों को 30 हजार रुपये की दर से राशि दी जाये. 18 साल बाद पुरस्कार राशि बढ़ाई जा रही है. इसके पहले 2007 में राज्य स्तर पर शिक्षकों को पुरस्कार देने की योजना शुरू की गई थी. 2007 के बाद पुरस्कार की राशि नहीं बढ़ी है. उस समय से ही पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों को 15-15 हजार रुपये दिये जा रहे हैं.

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