बच्चों में कौशल संवर्धन के लिए शिक्षक रहें सचेष्ट

बच्चों में कौशल संवर्धन के लिए शिक्षकों को आनंदपूर्ण तरीके से वर्तमान परिवेश में उसके दैनिक जीवन के साथ जोड़कर पठन-पाठन के लिए सचेष्ट रहने की जरूरत है. ताकि बच्चों में आजीवन सीखने की प्रवृत्ति का आधार मजबूत हो सके.

मोहिउद्दीननगर : बच्चों में कौशल संवर्धन के लिए शिक्षकों को आनंदपूर्ण तरीके से वर्तमान परिवेश में उसके दैनिक जीवन के साथ जोड़कर पठन-पाठन के लिए सचेष्ट रहने की जरूरत है. ताकि बच्चों में आजीवन सीखने की प्रवृत्ति का आधार मजबूत हो सके. यह बातें प्रखंड स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष सह पंसस पिंकू कुमारी ने कही. वह शनिवार को प्रखंड संसाधन केंद्र में आयोजित एफएलएन प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान सहभागी शिक्षकों को संबोधित कर रही थी. प्रशिक्षक दयानन्द कुमार भगत ने कहा कि इसके माध्यम से शिक्षकों के शैक्षिक कौशलों का परिमार्जन किया जाता है, इसका उद्देश्य यह है कि छात्र अपने बचपन का आनंद लेने से नहीं चूकें. सीमा कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण से संगीत व खेल को शिक्षा का माध्यम बनाये जाने के हुनर का विकास होता है, यह हुनर विद्यालय में आये नये बच्चों के ठहराव एवं उनकी रुचि जगाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है. इस दौरान प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के महत्व तथा उसके रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी गई. इसमें सरकारी विद्यालयों की कक्षा एक एवं दो के करीब पांच दर्जन नामित शिक्षकों ने भाग लिया. इस मौके पर प्रिंस अविनाश, अरुण कुमार, आकांक्षा आनंद, फैज अकरम, प्रगति कुमारी, डिंपल कुमारी, प्रीतम कुमारी, रवि प्रकाश, काजल कुमारी, लवली कुमारी, वाल्मीकि कुमार, लक्ष्मण सदा, कुमारी पूजा, शिखा कुमारी, मनीष कुमार सिंह, राहुल कुमार मौजूद थे.

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