Samastipur News:क्लास 1-12 तक के स्टूडेंट्स को मिलेगा किट, दो एजेंसियों को मिली जिम्मेदारी

जिले के कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को स्टूडेंट किट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

Samastipur News:समस्तीपुर: जिले के कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को स्टूडेंट किट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2025-26 में किट आपूर्ति का कार्य दो एजेंसियों को सौंपा गया है. परिषद ने बताया कि किट में कक्षावार निर्धारित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. सामग्री की सूची अनुलग्नक रूप में जिला और प्रखंड संसाधन केंद्रों को भेजने का कार्य तेज किया गया है. एजेंसियों के माध्यम से यह किट सभी प्रखंड संसाधन केंद्रों तक पहुंचाई जाएगी. इसके बाद जिला एवं प्रखंड स्तर से विद्यालयों में निर्धारित संख्या के अनुसार वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 7 लाख 49 हजार 720 स्टूडेंट किट उपलब्ध कराया गया है. वही 1 लाख 31 हजार से अधिक स्टूडेंट किट वितरित किया जा चुका है. अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन व दुर्गा पूजा अवकाश के कारण वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है लेकिन जल्द से जल्द वितरण कराने के लिए माॅनिटरिंग की जा रही है. वितरण एवं आपूर्ति पर निगरानी के लिए एमआईएस ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है. इसके उपयोग के लिए जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसकी जानकारी देते हुए डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. आपूर्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार अनुश्रवण किया जाएगा.

– अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन व दुर्गा पूजा अवकाश के कारण वितरण की प्रक्रिया प्रभावित

इस किट से विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहूलियत होगी और सीखने का वातावरण और बेहतर होगा. इस पहल से पेरेंट्स पर खर्च का बोझ कम होगा.विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों के बीच किट वितरण की स्थिति को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विद्यार्थीवार अपडेट करना होगा. साथ ही हुए प्रत्येक कक्षा का एक समूह फोटोग्राफ नोट कैम कैमरा से लेने के बाद उसे भी अपलोड करना होगा. वर्ग 1-2 के बच्चों को बैग के साथ अन्य सामग्री भी मिलेगी. बैग के साथ बच्चों को 120 पेज का पांच नोटबुक, 172 पेज का एक बुक, पेंसिल सेट (10), इरेजर, प्रिंटेड ड्राइंग बुक, कलर सेट दिया जाएगा. वहीं वर्ग तीन के बच्चों को बैग, नोटबुक 120 पेज का पांच, 172 पेज का एक नोटबुक, पेंसिल, इरेजर, शार्पनर, ड्राइंग बुक, वर्ग 04-05 के बच्चों को बैग, नोटबुक 120 पेज का चार, नोटबुक 172 पेज का एक, पेंसिल सेट, इरेजर, शार्पनर, ड्राइंग बुक दिया जायेगा. वर्ग 06-08 के बच्चों को बैग, नोटबुक 120 पेज का सात, नोटबुक 6 पेज का एक और वर्ग 09-12 के बच्चों को बैग व 120 पेज का छह रजिस्टर दिया जायेगा. विदित हो कि इससे पूर्व सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मुफ्त एफएलएन (फंडामेंट लिट्रेसी एंड न्यूमरेसी ) स्टूडेंट किट / लर्निंग इन्हांसमेँट प्रोग्राम (एलइपी ) किट बांटी गई थी. एचएम सौरभ कुमार, देवेंद्र प्रसाद चौधरी बताते है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में बड़े बदलाव का खाका तैयार किया है. बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के लिए स्कूल डायरी दिया गया. डायरी में यह लिखा है कि किस दिन किस विषय की पढ़ाई होगी. किस दिन छुट्टी रहेगी या किस दिन सह शैक्षणिक गतिविधियों के लिए शेड्यूल बना है. गर्मी व ठंडी में स्कूल का समय, त्योहार की छुट्टियां, सुरक्षित शनिवार, आपदा व बचाव के उपाय, चेतना सत्र की गतिविधियां, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्र गान व राज्य गीत डायरी में दर्ज है. डायरी देखकर बच्चे केवल जरूरी किताबें ही लेकर स्कूल आ रहे है. डायरी में स्कूल खुलने और बंद होने का समय भी है, जिससे अभिभावकों के लिए सहूलियत हो रही है. डायरी में शिक्षक नियमित तौर पर होमवर्क दें रहे है और विषयवार बच्चों का प्रदर्शन भी दर्ज किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों को भी जानकारी हो सके.

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Author: ABHAY KUMAR

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