स्मार्ट मीटर बिल: समस्तीपुर सहित पूरे बिहार के लाखों स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने पुराने बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए एक नए और सुगम स्लैब-आधारित सिस्टम को आधिकारिक मंजूरी दे दी है. एनबीपीडीसीएल और एसबीपीडीसीएल द्वारा दायर संयुक्त याचिका (केस संख्या 32/2026) पर सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष अमीर सुभानी, कानूनी सदस्य पी.एस. यादव और तकनीकी सदस्य मनोज कुमार की पीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है.
बकाया वसूली का नया स्लैब-आधारित ढांचा
विद्युत कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि आयोग ने बकाया राशि के आधार पर वसूली की समय-सीमा को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है:
- 10,000 रुपये तक बकाया: इस श्रेणी के उपभोक्ताओं से बकाये की वसूली 12 महीने (1 वर्ष) में की जाएगी.
- 10,000 से 15,000 रुपये तक बकाया: इस वर्ग के बकायेदारों को राशि का भुगतान करने के लिए 18 महीने का समय मिलेगा.
- 15,000 रुपये से अधिक बकाया: भारी बकायेदारों को राहत देते हुए वसूली की अवधि 24 महीने (2 वर्ष) तय की गई है.
पारदर्शिता और प्रणाली एकीकरण के कड़े निर्देश
आयोग ने दोनों वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि इस नए रिकवरी मैकेनिज्म को तुरंत बिलिंग सॉफ्टवेयर और स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिस्टम के साथ एकीकृत किया जाए. इसके तहत उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू होगी:
- उपभोक्ताओं को दैनिक या मासिक आधार पर कटने वाली राशि की स्पष्ट जानकारी मिलेगी.
- उपभोक्ता मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी बकाया कटौती का सत्यापन खुद कर सकेंगे.
- एकमुश्त बड़ी कटौती से मुक्ति मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं पर अचानक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.
इस नए नियम के लागू होने से उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बकाया चुकाने में आसानी होगी और मीटर रिचार्ज के दौरान होने वाली समस्याओं से मुक्ति मिलेगी.
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