समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
School Teacher SOP: .बिहार के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी और असमान वितरण की समस्या को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है.विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों के नए पदस्थापन, रिक्ति निर्धारण और समानुपातिकरण (रैशनलाइजेशन) को लेकर एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है.इसके तहत अब स्कूलों में मनमाने ढंग से नहीं, बल्कि वास्तविक छात्र संख्या और विषयवार नामांकन के कड़े आकलन के आधार पर ही शिक्षकों की आवश्यकता तय की जाएगी.
ई-शिक्षाकोष पोर्टल के लाइव डेटा से हटेगी विसंगति
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर.द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस नई व्यवस्था का मुख्य आधार डिजिटल आंकड़े होंगे.जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यालयों में वर्गवार और संकायवार नामांकन का वास्तविक मूल्यांकन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध लाइव डेटा के जरिए किया जाएगा.इससे कागजी या फर्जी नामांकन के आधार पर शिक्षकों की तैनाती के खेल पर पूरी तरह रोक लग सकेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.
छात्र बढ़ने पर मिलेंगे अतिरिक्त सेक्शन और शिक्षक
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय वाले उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नामांकित छात्रों की संख्या के अनुपात में ही विषयवार शिक्षकों के पद स्वीकृत होंगे.यदि किसी विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है, तो वहां नियमानुसार अतिरिक्त सेक्शन खोलने की मंजूरी दी जाएगी.इसके साथ ही उन नए सेक्शनों के संचालन के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की पात्रता भी स्वतः मिल जाएगी.माध्यमिक कक्षाओं (9वीं और 10वीं) के लिए भी विभाग ने छात्र संख्या के आधार पर विषयवार शिक्षकों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य कर दी है.
ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को मिलेगा बड़ा लाभ
इस आदेश का जिले के सरकारी, राजकीयकृत और परियोजना उच्च माध्यमिक विद्यालयों पर सीधा असर पड़ेगा.वर्तमान में शहरी या सुगम मार्ग वाले स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है.नई व्यवस्था से मानक से अधिक शिक्षकों वाले स्कूलों की पहचान कर उनका समानुपातिकरण किया जाएगा और उन्हें शिक्षक विहीन स्कूलों में भेजा जाएगा.इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में बड़ा सुधार होगा.
