Samastipur Pulse Polio Campaign: वैश्विक स्तर पर पड़ोसी देशों में पोलियो के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. इसी कड़ी में समस्तीपुर जिले भर में आगामी 28 जून से 2 जुलाई तक पांच दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा. इस महाअभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को ‘दो बूंद जिंदगी की’ दी जाएगी, जिसकी सभी आवश्यक तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं.
अधिकारियों संग हुई समीक्षा बैठक
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. विशाल कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिया है. प्रखंड स्तरों पर टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित कर संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) और चिकित्सा पदाधिकारियों की अध्यक्षता में हुई बैठकों में यह साफ़ कर दिया गया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
घर-घर दस्तक देगी टीम
अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें हर घर का दौरा कर बच्चों को दवा पिलाएंगी. दवा पीने वाले बच्चों की पहचान के लिए उनकी उंगली पर पारंपरिक रूप से नीली स्याही का निशान लगाया जाएगा. इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के लिए विशेष मोबाइल व ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं, ताकि यात्रा कर रहे या बाहर घूम रहे बच्चे भी इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहें.
डॉक्टरों की टीम करेगी सीधी मॉनिटरिंग
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और टीकाकर्मियों को विशेष रूप से री-ओरिएंट कर प्रशिक्षित किया गया है. सुपरवाइजरों को सख्त मॉनिटरिंग करने और हर दिन की शाम को प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है. डॉक्टरों और स्वास्थ्य प्रबंधकों की फ्लाइंग स्क्वायड टीम लगातार क्षेत्रों में घूमकर इस पूरे चक्र की औचक निगरानी करेगी.
डीआईओ ने की अभिभावकों से अपील
डीआईओ डॉ. विशाल ने आम जनता और अभिभावकों से भावुक अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर दिलवाएं, भले ही उन्हें हाल ही में नियमित टीकाकरण के तहत यह खुराक क्यों न मिली हो.
