Samastipur News: समस्तीपुर जिले के मोरवा हलई थाना क्षेत्र से पुलिसिया तंत्र और कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है. उत्पाद विभाग (Excise Department) और पुलिस अभिरक्षा (Custody) में लिए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. मृतक की पहचान बाजितपुर करनैल वार्ड संख्या एक निवासी बटोही महतो के पुत्र सुधीर महतो उर्फ बाबा के रूप में की गई है. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पुलिसिया बर्बरता और अत्यधिक पिटाई (थर्ड डिग्री) का गंभीर आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल समस्तीपुर में भारी हंगामा किया और वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है.
अज्ञात जगह रखने का आरोप
पारिवारिक सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सुधीर महतो उर्फ बाबा को बीते 31 मई 2026 की रात्रि को उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने कथित शराब मामले में गिरफ्तार किया था. परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के विपरीत उसे किसी अज्ञात जगह पर छिपाकर रखा गया था और दो दिनों तक परिवार के किसी भी सदस्य को उससे मिलने या बात करने की अनुमति नहीं दी गई.
विभागीय कागजातों के मुताबिक, उत्पाद विभाग ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर उसे स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश हुआ था. इसी बीच, मंगलवार की देर रात अचानक परिजनों को प्रशासनिक स्तर पर सूचना दी गई कि सुधीर की तबीयत जेल या अभिरक्षा के दौरान बेहद खराब हो गई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है. इस सूचना के चंद मिनटों बाद ही परिवार को उसकी मौत की खबर दे दी गई, जिससे घर में कोहराम मच गया.
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
युवक की मौत की खबर मिलते ही रोते-बिलखते दर्जनों की संख्या में परिजन और ग्रामीण समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल पहुंचे परिजनों ने जब सुधीर के शव को देखा, तो उनके होश उड़ गए. परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि:
- गंभीर चोट के निशान: मृतक के शरीर पर कई संवेदनशील जगहों पर काले और नीले रंग के गहरे जख्म व गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं.
- पुलिसिया दरिंदगी का आरोप: परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि अज्ञात स्थान पर रखने के दौरान पुलिस और उत्पाद विभाग के कर्मियों ने सुधीर की बेरहमी से लाठी-डंडों से अत्यधिक पिटाई की, जिसके आंतरिक घावों के कारण उसकी जान चली गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा साफ
इस हाई-प्रोफाइल कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) के मामले पर जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह रक्षात्मक मुद्रा में आ गया है. स्थानीय पुलिस अधिकारियों और जेल प्रशासन का दावा है कि युवक की मौत बीमारी या अन्य कारणों से हुई है और पिटाई के आरोप पूरी तरह निराधार हैं.
अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की एक विशेष टीम (मेडिकल बोर्ड) द्वारा कराया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है. पुलिसकर्मियों ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली और सटीक वैज्ञानिक कारणों का खुलासा हो सकेगा. हालांकि, गिरफ्तारी के महज दो दिनों के भीतर हुई इस मौत के बाद इलाके में भारी तनाव है और स्थानीय लोग दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल सस्पेंड करने की मांग पर अड़े हैं.
समस्तीपुर के मोरवा से मनोज वर्मा की रिपोर्ट
