Samastipur News: मोहिउद्दीननगर प्रखंड के शिवना गांव में बुधवार को जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए एक दिवसीय स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था. प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया और स्वरोजगार से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी हासिल की.
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए जेआरपी जयशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार सरकार जीविका के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने समूह की महिलाओं को बैंक लिंकेज, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, सतत जीविकोपार्जन योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही बताया कि इन योजनाओं के जरिए महिलाएं कम पूंजी में अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं.
छोटे उद्योगों की ओर किया प्रेरित
बुक कीपर समीर कुमार ने महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, अचार-पापड़ निर्माण, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसे लघु उद्योगों की संभावनाओं से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से ग्रामीण महिलाएं घर बैठे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं. प्रशिक्षण के दौरान उत्पादों की पैकेजिंग, मार्केटिंग और समूह आधारित कारोबार की भी जानकारी दी गई.
हिसाब-किताब और लोन प्रक्रिया की समझ
महिलाओं को समूह का लेखा-जोखा रखने, बैंकिंग प्रक्रिया समझने और ऋण प्राप्त करने के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षकों ने समझाया कि सही हिसाब-किताब और समय पर भुगतान से समूह की विश्वसनीयता बढ़ती है और भविष्य में बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता मिल सकती है.
महिलाओं ने जताया उत्साह
प्रशिक्षण में शामिल जीविका दीदियों ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें नई जानकारी और आत्मविश्वास मिला है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के बाद वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगी. कार्यक्रम में नीलू कुमारी, बेबी सिन्हा, रंजू देवी, रीना देवी, सीता देवी, मीरा देवी, रजनी देवी, नीतू देवी, लक्ष्मी देवी, गायत्री देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी और महालक्ष्मी देवी समेत कई महिलाएं मौजूद थीं.
