समस्तीपुर से कृष्ण मोहन पाठक की रिपोर्ट
Samastipur News: जिले के विकास और बंद पड़े उद्योगों को पुनः संचालित करने की मांग को लेकर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. दूधपुरा हवाई अड्डा का जीर्णोद्धार कर इसे चालू करने, बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल व ठाकुर पेपर मिल को दोबारा शुरू करने तथा मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुके मुक्तापुर रामेश्वर जूट मिल के विकास और विस्तार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग उठी है. इन मांगों को लेकर बुधवार को समस्तीपुर जिला विकास संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक डीआरएम चौक पर आयोजित की गई.
उद्योग बंद होने से थमी जिले की रफ्तार, हजारों युवाओं का रोजगार छिना
बैठक को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि जिले के महत्वपूर्ण उद्योग-धंधों के बंद होने से हजारों मजदूरों एवं युवाओं के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है. वहीं, दूधपुरा हवाई अड्डा वर्षों से सरकारी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है. वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इन सभी बंद पड़े संस्थानों को पुनर्जीवित कर ही समस्तीपुर के आर्थिक विकास को नई गति दी जा सकती है.
15 जून को जिला पदाधिकारी के समक्ष होगा बड़ा प्रदर्शन
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर निर्णय लिया गया कि इन ज्वलंत मांगों को लेकर आगामी 15 जून को समस्तीपुर जिला पदाधिकारी (डीएम) के समक्ष एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा. इसके साथ ही मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा जाएगा.
आमजनों से भी किया अपील
मोर्चा के पदाधिकारियों ने आम जनता, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है. बैठक की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की तथा संचालन संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया. मौके पर सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश ठाकुर, दीनबंधु प्रसाद और रंजीत कुमार सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे.
