samastipur News: जिले के आर्थिक विकास को गति देने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और बंद पड़े ऐतिहासिक उद्योगों को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर ‘समस्तीपुर जिला विकास संघर्ष मोर्चा’ ने अपनी मुहिम तेज कर दी है. बुधवार को स्थानीय डीआरएम (DRM) चौक पर मोर्चा की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में वक्ताओं ने समस्तीपुर की लगातार हो रही औद्योगिक उपेक्षा पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इन जन-हितैषी मांगों को लेकर आगामी 15 जून 2026 को समस्तीपुर जिला पदाधिकारी (DM) कार्यालय के समक्ष एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा और मांगों से संबंधित एक कड़ा ज्ञापन सौंपा जाएगा.
मिलों के बंद होने से युवा पलायन को मजबूर
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि समस्तीपुर जिला कभी अपने चीनी उद्योग और जूट उत्पादन के लिए पूरे उत्तर बिहार में जाना जाता था. परंतु प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण आज जिले के महत्वपूर्ण उद्योग-धंधे दम तोड़ चुके हैं:
- बंद चीनी मिल व ठाकुर पेपर मिल: समस्तीपुर चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल के वर्षों से बंद पड़े होने के कारण हजारों मिल मजदूरों और स्थानीय युवाओं के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. रोजगार के अवसर समाप्त होने से जिले की प्रतिभाएं दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं.
- दूधपुरा हवाई अड्डा: वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना दूधपुरा हवाई अड्डा अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. वक्ताओं ने कहा कि अगर इस हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार (मरम्मत) कर इसे छोटे विमानों और कार्गो के लिए चालू कर दिया जाए, तो पूरे प्रमंडल के व्यापार और विकास को एक नई कड़क रफ्तार मिलेगी.
- मुक्तापुर रामेश्वर जूट मिल: कभी हजारों परिवारों का भरण-पोषण करने वाली मुक्तापुर की रामेश्वर जूट मिल आज मरणासन्न स्थिति में पहुंच चुकी है. मोर्चा ने सरकार से इस ऐतिहासिक मिल के आधुनिकीकरण, विकास-विस्तार और इसके निरंतर संचालन की लिखित गारंटी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है.
आम जनता और राजनीतिक दलों से आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील
डीआरएम चौक पर जुटे संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समस्तीपुर के सुनहरे भविष्य के लिए लड़ाई का बिगुल फूंका. उन्होंने जिले के आम नागरिकों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे 15 जून को होने वाले कड़े प्रदर्शन में भारी संख्या में भाग लें, ताकि सरकार और प्रशासन पर औद्योगिक पुनरुद्धार के लिए दबाव बनाया जा सके.
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शंकर प्रसाद साह ने की, जबकि पूरे कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन मोर्चा के मुख्य संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया.
इस मौके पर अपनी आवाज बुलंद करने वालों में सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश ठाकुर, दीनबंधु प्रसाद, रंजीत कुमार सिंह, सुशील कुमार राय, सत्यनारायण सिंह, उपेंद्र राय, रघुनाथ राय, सुरेंद्र राम, राजकुमार महतो, शाहिद हुसैन, शम्भू राय, जगदीश प्रसाद यादव, रामनारायण राय, मनोज कुमार, विश्वनाथ सिंह हजारी, परमानंद मिश्र, मनोज कुमार राय, अशोक कुमार राय, राम विनोद पासवान, जितेंद्र कुशवाहा और संतोष कुमार निराला सहित सैकड़ों खेल प्रेमी और जागरूक नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित थे.
