समस्तीपुर हॉकी मुकाबला: हॉकी खेल को बढ़ावा देने और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रविवार को शहर के पटेल मैदान में रोमांचक हॉकी मुकाबले का आयोजन किया गया. जिला हॉकी संघ के तत्वावधान में आयोजित इस मुकाबले में मेजबान समस्तीपुर और सहरसा की टीम आमने-सामने हुई. शानदार प्रदर्शन करते हुए सहरसा की टीम ने समस्तीपुर को 6-1 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया.
पटेल मैदान में पहली बार आयोजित इस हॉकी मुकाबले को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रेमियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला. मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल और जोश का प्रदर्शन किया, लेकिन सहरसा की टीम शुरुआत से ही मुकाबले पर हावी रही.
सहरसा ने दिखाया शानदार खेल
मुकाबले में सहरसा के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया. टीम ने लगातार गोल करते हुए मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बनाई. वहीं, मेजबान समस्तीपुर की टीम केवल एक गोल ही कर सकी और मुकाबला 6-1 से गंवा बैठी.
मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी पटेल मैदान पहुंचे थे. दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और शानदार खेल पर तालियां बजाईं. राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर हॉकी मुकाबले ने खेल प्रेमियों के बीच अलग ही उत्साह का माहौल बना दिया.
विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को मिला सम्मान
मैच समाप्त होने के बाद विजेता सहरसा और उपविजेता समस्तीपुर टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया गया. जिला हॉकी संघ के संरक्षक डॉ. राजेश कुमार झा, अध्यक्ष तनवीर अंसारी उर्फ मोना, सचिव आनंद प्रकाश, कोषाध्यक्ष अनस रिजवान, नेशनल खो-खो रेफरी निधि राजपूत, अधिवक्ता शिवराम चौधरी और क्रिकेट अंपायर सुभीत कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों को सम्मानित किया.
मौके पर जिला एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष रज़ीउल इस्लाम रिज्जु, रंजन गांधी, राहुल कुमार, अनिल कुमार समेत बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे.
हॉकी को नई दिशा देने की पहल
मेजर ध्यानचंद की स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पटेल मैदान में हॉकी मुकाबले का आयोजन जिले में इस खेल को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा गया. आयोजन के माध्यम से युवाओं को हॉकी से जोड़ने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का संदेश दिया गया.
आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी में राष्ट्रीय खेल हॉकी के प्रति रुचि पैदा करना और स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है.
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